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Mahendragarh-Narnaul News: 24 से 26 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय पशु प्रदर्शनी मेले में प्रदेशभर से होगा 600 बसों का संचालन

Sat, 10 Feb 2024 11:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ जिले को पहली बार मिली राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी मेले की मेजबानी के बाद जिम्मेदारों ने इसकी सफलता के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
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24 से हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय जाट-पाली प्रांगण में शुरू होने वाले तीन दिवसीय पशु प्रदर्शनी मेले के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से प्रदेशभर से 600 बसों के संचालन की व्यवस्था की गई है। प्रदेशभर के प्रत्येक जिले से प्रतिदिन बसों का संचालन होगा। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस मेले में प्रतिदिन करीब 30 हजार किसान शामिल होंगे जिनके लिए पूरी व्यवस्था की गई है। प्रदेशभर से प्रतिदिन 200 बसें पशुपालकाें को मेले तक पहुंचाएंगी।

जानें...प्रदेशभर में कहां से कितनी बसें चलेंगी
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से प्रदेश के 22 जिलों से तीन दिनों में कुल 600 बसों का संचालन किया जाएगा। प्रतिदिन प्रदेशभर से 200 बसें पशुपालकों एवं किसानों को हकेवि जाट-पाली महेंद्रगढ़ में आयोजित होने वाले मेले में लाने और ले जाने के लिए तैनात रहेंगी। तीनों दिन महेंद्रगढ़, भिवानी व चरखी दादरी से 30-30 बसें, रेवाड़ी से 20, झज्जर से 15, रोहतक, जींद व हिसार से 12-12, फतेहाबाद से पांच, करनाल, पलवल, सोनीपत व नूंह से तीन, गुरुग्राम से चार, अंबाला, फरीदाबाद, कैथल, पंचकूला, व यमुनानगर से दो-दो बसों का संचालन प्रतिदिन किया जाएगा।
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मेले में भाग लेने वाले पशुओं के लिए यह होंगे नियम
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक डॉ. चंद्रभान सोनी ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से कोई भी पशुपालक आवेदन कर सकता है। पशुपालक का आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पशु की जाति व नस्ल, श्रेणी, टैग नंबर सहित अन्य विवरण उपलब्ध करा पंजीकरण कराना होगा। पशुपालक अपने उत्तम नस्ल के पशुओं को पशु प्रदर्शनी में ले जाना चाहता है वह अपने नजदीक पशु चिकित्सालय में जाकर पशु चिकित्सक से संपर्क करके पशुओं का 12 डिजिट के टैग लगवाकर रजिस्ट्रेशन करवाकर पशु को मेले में ला सकते हैं। इन पशुओं का गंभीर बीमारियों के लिए टीकाकरण होना तथा पशु बीमा होना भी जरूरी है।

इन वर्गों में होंगी प्रतियोगिताएं
पशुपालन व डेयरी विभाग से उप निदेशक डॉ चंद्रभान ने बताया कि मेले में गाय, भैंस, बैल, सांड (खागड़), भेड़- बकरी, मेंढे, ऊंट, घोड़े, गधे, खच्चर सहित देसी और शंकर नस्ल के उत्तम पशुओं की 50 प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। पशुपालकों को पशुओं को लाने व ले जाने के लिए किराया भी दिया जाएगा। प्रदर्शनी में उच्च नस्ल के पशु, मुर्राह भैंस तथा गायों की हरियाणा साहिवाल, गिर, थारपारकर, राठी, बेलाही व शंकर नस्ले, भेड़ में नाली व हिसार डेल की नस्ल शामिल की गई हैं। गाय व भैंसों की कैटेगरी में ड्राई व दूध देने वाली गाय-भैंस, 2-4 दांत कटड़ा - कटड़ी, बछड़ियां, ब्रीडिंग बैल आदि शामिल हैं। हरियाणा नस्ल में बैलों के जोड़ों के साथ की कैटेगरी में भी इनाम दिया जाएगा। गोशाला के पशुओं के लिए भी अलग-अलग कैटेगरी की प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। अश्व प्रजाति के पशुओं नर-मादा में घोड़ा-घोड़ी, नर-मादा बच्चा खच्चर व नर-मादा गधा की भी आकर्षक कैटेगरी रखी गई है। पशुओं की कैटेगरी में भेड़ बकरियों की उत्तम नस्ल की व्यस्क व युवा नर-मादा पशु (तीन पशु का ग्रुप) की प्रतियोगिताओं में आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं।
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