खुशखबरी: शहर में पूर्वी बाईपास बनाने का सपना होगा साकार
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर के लोगों के लिए खुशखबरी हैं। वर्षों से चल रही शहर के पूर्वी बाईपास की मांग पर जल्द ही काम शुरू हो सकता है। इस बाईपास के बन जाने से शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम हो जाएगा। इसके निर्माण के बाद शहर के चारों तरफ रिंग रोड जैसा बाईपास भी बन जाएगा। यह नेशनल हाईवे नंबर-11 को नेशनल हाईवे नंबर-148 बी से दो स्थानों पर जोड़ेगा। सरकार ने इसके सर्वे का काम शुरू करवाया है।
शहर की पूर्व दिशा में एक एकड़ चौड़ा बाईपास बनेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भू-तल परिवहन मंत्री को लिखे पत्र और नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह ने एनएचएआई के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके बाद शहर के पूर्वी बाईपास बनाने की दिशा में प्रारंभिक कार्यवाही शुरू हो गई है। मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नियुक्त आरआईटीईएस कंसल्टेंसी टीम ने संभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
टीम ने पहले विधायक से बात की
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की आरआईटीईएस की टीम ने पहले विधायक डॉ. अभय सिंह यादव के निवास पर लगभग दो घंटे बैठक की। वहां इस प्रोजेक्ट के बारे में विभिन्न संभावनाओं और विकल्पों पर विचार किया। इसके बाद टीम ने डॉ. यादव के साथ लगभग तीन घंटे तक बाईपास के संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
एनएच-11 को क्रॉस करेगा यह बाईपास
इस बापाईस को नारनौल-नांगल चौधरी रोड (राष्ट्रीय राजमार्ग-148 बी) को रेवाड़ी-नारनौल (राष्ट्रीय राजमार्ग-11) को क्रॉस करते हुए महेंद्रगढ़-नारनौल रोड (राष्ट्रीय राजमार्ग 148 बी) से जोड़ने की योजना है।
लॉजिस्टिक हब है बाईपास बनाने का कारण
इस प्रोजेक्ट का प्रमुख कारण जिले में बनने वाला लॉजिस्टिक हब है। लॉजिस्टक हब को गांव मांदी के पास 200 फुट चौड़े रोड से मिलाया जा रहा है। इस स्थिति में रेवाड़ी और दिल्ली जाने वाले वाहनों को नारनौल शहर के बीच से गुजरना होगा। वर्तमान में गुजरने वाले ऐसे वाहनों से ही महाबीर चौक, हीरो होंडा चौक और बस अड्डे पर जाम लगा रहता है।
लॉजिस्टिक हब का ट्रैफिक रहेगा शहर के बाहर
यदि लॉजिस्टिक हब का ट्रैफिक शहर से गुजरा तो हालात और भी बदतर हो जाएंगे। रेवाड़ी से राजस्थान बार्डर तक चार मार्गीय राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाना है। ऐसे में नारनौल शहर के बीच से उस चारमार्गीय राजमार्ग को बनाना संभव नहीं है। विधायक डॉ. अभय सिंह यादव ने इन तथ्यों को भारत सरकार एवं राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों को विस्तार से अवगत करवाया गया। इसके बाद इस कार्य पर गंभीरता से विचार किया गया।
पहले बना है पश्चिम में बाईपास
शहर के पश्चिम दिशा में पहले ही बाईपास बना हुआ है। इसका निर्माण कांग्रेस सरकार ने कराया था। इसके निर्माण के पहले से पूर्वी दिशा में भी बाईपास बनाने की मांग जोर-शोर से उठती रही थी।
आरआईटीईएस कंसल्टेंसी के पास सर्वे का काम
भारत सरकार के उपक्रम आरआईटीईएस कंसल्टेंसी को बाईपास के प्रारंभिक सर्वे का काम सौंपा गया है। इसकी सर्वे रिपोर्ट के अनुसार ही बाईपास का निर्माण होगा।
सभी क्रासिंग पर बनेंगे पुल जंक्शन
बैठक में विचार किया गया कि प्रस्तावित बाईपास कई महत्वपूर्ण मार्गों को क्रॉस करते हुए निकलेगा। ऐसे में सभी क्रॉसिंग पर पुल जंक्शन बनाना अति आवश्यक है। इससे इन मार्गों पर दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।
आरआईटीईएस के अधिकारियों ने बाईपास के लिए दौरा किया है। दौरे के दौरान अनेक पहलुओं पर चर्चा हुई है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में हर प्रकार की स्थानीय सहायता मुहैया कराई जाएगी।
-डॉ. अभय सिंह यादव, विधायक, नांगल चौधरी