नारनौल। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार विधवा व बुजुर्गों की तरह अब अविवाहित व विधुर पुरुषों को भी पेंशन का लाभ मिलेगा। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा उक्त पेंशन योजना की शुरुआत की है। इसमें पहले चरण में जिले में 567 अविवाहित व विधुर को 3000 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। वहीं यह पेंशन प्राप्त करने के लिए पात्र लोगों को कही आवेदन करने की भी जरूरत नहीं है। संबंधित विभाग द्वारा स्वयं ऐसे लोगों का पीपीपी आईडी के माध्यम से डॉटा लेकर उनकी पेंशन बनाई जा रही है। जिले के 567 लोगों की भी ऐसे पेंशन बनी है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि सरकार की योजना अनुसार अविवाहित व विधुर लोगों को मासिक पेंशन के रूप में 3000 रुपये दिए जाएंगे। हालांकि इसके लिए कुछ शर्त लागू की गई है। इसमें अविवाहित व्यक्ति की आयु 45 वर्ष से अधिक व वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। वहीं विधुर की आयु 40 वर्ष से अधिक व वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसके अलावा वह व्यक्ति तलाकशुदा या लिव इन में नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह वित्तीय सहायता पात्र लोगों के सीधे खातो में दी जाएगी। विधुर और अविवाहितों की आयु 60 वर्ष होने के बाद उन्हें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता दिया जाएगा।
प्रदेश में रहने वाले लोग ही होंगे योजना के पात्र
सरकार की अविवाहित व विधुर पेंशन योजना के तहत लाभ लेने वाला व्यक्ति हरियाणा प्रदेश का निवासी होना चाहिए। इसके अलावा यदि अविवाहित पुरुष या विधुर व्यक्ति शादी कर लेते हैं तो तत्काल उनकी पेंशन रोक दी जाएगी। शादी की सूचना विभाग को नहीं देने और गलत तरीके से योजना का लाभ लेने की स्थिति से संबंधित व्यक्ति से नियमानुसार राशि की रिकवरी की जाएगी।
जिले में 1 लाख 35 कुल पेंशन धारक
जिले में विभिन्न प्रकार की पेंशन लेने वाले कुल 1 लाख 35088 हजार पेंशन धारक है। इनमें सबसे अधिक 91567 वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पाने वाले शामिल है। इसके बाद 27831 विधवा पेंशन लेने वाली महिलाएं है तो 7177 दिव्यांगजनों को पेंशन दी जा रही है। इसके अलावा 6874 निश्रारित बच्चों तथा 1330 लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जारी है। इनके अलावा 494 अविवाहित व 73 विधुर को भी इस माह पेंशन दी जाएगी।
सरकार की योजना अनुसार अब अविवाहित व विधुर को भी पेंशन दी जाएगी। पहले चरण में जिले में 567 लोगों को यह पेंशन दी जाएगी। पेंशन के लिए अब लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। पीपीपी आईडी के माध्यम से पात्र लोगों की ऑटो मोड से पेंशन बन रही है।
-अमित शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, नारनौल।