फोटो नंबर-10बस स्टैंड पर खड़ी रोडवेज की बसें। संवाद
नारनौल। हिसार में होने वाले कार्यक्रम के लिए 14 अप्रैल को नारनौल डिपो से 44 बसें भेजी जाएंगी। इस कारण बस यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं 44 बसों की आरटीए विभाग की तरफ से व्यवस्था की जाएगी। प्रकार नारनौल से 88 बसें हिसार जाएंगी।
यमुनानगर और हिसार में 14 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश भर से लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की सुविधा के लिए राज्य परिवहन निदेशालय द्वारा पत्र जारी कर सभी डिपो से बसों की मांग की गई है। नारनौल डिपो से 88 बसों की मांग की गई थी।
इसमें नारनौल डिपो से 44 बस और आरटीए विभाग की तरफ से 44 बसों की व्यवस्था की गई। बता दें कि नारनौल डिपो में 145 बसें है। इसमें से 125 बस रोडवेज की और 20 बस किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित है। अगर नारनौल डिपो से 44 बसों को कार्यक्रम के लिए भेजा जाता है तो केवल 70 प्रतिशत बस ही 14 अप्रैल को आवागमन के लिए उपलब्ध रहेंगी। ऐसे में लोगों को विशेष तौर पर छोटे रूट के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गुरुग्राम, दिल्ली, झुंझुनु, चंडीगढ़ व जयपुर सहित सभी लंबे रूट पर चलने वाली बसों को नियमित रखा जाएगा, लेकिन रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, सतनाली, कनीना, नांगल चौधरी और इन रूट पर स्थित गांवों के लिए चलने वाली बसों की संख्या में कटौती की जाएगी। हालांकि संचालित बसों के फेरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
गौरतलब है कि नारनौल डिपो से सफर करने वाले यात्रियों में सबसे अधिक संख्या छोटे रूट पर रहती है। जो नौकरी, मजदूरी और पढ़ाई सहित कई कार्यों के लिए गांवों से नारनौल आते हैं। ऐसे में छोटे रूट पर बसों की संख्या कम होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।