अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। जिला मुख्यालय की मांग के लिए महेंद्रगढ़ सम्मान संघर्ष समिति ने 22 फरवरी से धरना शुरू करने का एलान किया है। समिति सदस्यों ने कहा कि जिला मुख्यालय की मांग को पूरा नहीं किया गया तो शिक्षामंत्री का बहिष्कार किया जाएगा। उनके खिलाफ अभियान चलाएंगे।
महेंद्रगढ़ सम्मान संघर्ष समिति की बैठक सोमवार को लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में समिति के अध्यक्ष राजबीर सिंह बुचौली ने कहा कि समिति ने जिला मुख्यालय की मांग को लेकर 40 दिन तक लगातार धरना दिया था। इसके लिए आमरण अनशन भी किया गया था। 41वें दिन स्थानीय विधायक एवं प्रदेश के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मौके पर पहुंचकर समिति को आश्वासन देकर धरना खत्म कराया था।
शिक्षामंत्री ने कहा था कि महीने में तीन दिन डीसी, तीन दिन एसपी, चार दिन जिला कल्याण अधिकारी महेंद्रगढ़ में कार्यालय लगाएंगे। महीने में एक दिन मंडल आयुक्त यहां बैठेंगे। इसके लिए 10 फरवरी तक अधिसूचना जारी कराने का एलान किया था। समिति ने 12 फरवरी को इस मुद्दे पर समीक्षा की। जिसमें पता लगा कि अब तक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। 12 फरवरी की बैठक में सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया था। सरकार की ओर से अब तक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। जिसके चलते समिति ने फैसला लिया है कि सरकार को तीन दिन का दोबारा से अल्टीमेटम देेें। 21 तक अधिसूचना जारी नहीं की गई तो 22 फरवरी से समिति सदस्य राव तुलाराम चौक पर धरना शुरू करेंगे।
समिति सदस्य कुलदीप यादव, पूर्व जिला पार्षद अजय सिगड़ा, विनोद तंवर पाली ने कहा कि मंत्री रामबिलास शर्मा ने जनता के संघर्ष को झूठ बोलकर दबाया है। महेंद्रगढ़ के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। इस मांग को पूरा नहीं किया तो शिक्षामंत्री का बहिष्कार करेेंगे। लोकसभा चुनाव में उनके खिलाफ अभियान भी चलाएंगे। इस मौके पर राव विक्रम माजरा, मोनी यादव, राहुल पालड़ी, दिनेश सोनी, पवन खोला, अजीत भांडोर, प्रदीप माजरा, मनीष राजपूत, संदीप झुक, रणवीर झुक आदि मौजूद रहे।