अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। ढाई साल बाद भी शौचालय के लिए पैसे नहीं मिलने से नाराज महिलाएं बुधवार को एकत्र होकर एसडीएम कार्यालय पहुंची। एसडीएम के शहर से बाहर होने पर महिलाओं ने अधीक्षक को मांगपत्र सौंपा। महिलाओं ने कहा कि 10 दिन में उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो बोतल और लोटे के साथ एसडीएम कार्यालय पर धरना देंगी।
मोहल्ला खटीकान, मोहल्ला धानकान, मोहल्ला बास, सराय एरिया की महिलाएं बुधवार को एकत्र होकर हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव बाला देवी के नेतृत्व में एकत्र होकर लघु सचिवालय स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंची। महिला बिमला देवी, संतोष, ऊषा, किरण, कमला देवी, हेमा, कैलाश कुमार, नरवदा, कांता, अंगूरी, गंगा, कृष्णा, संतोष, चमेली, सुमन, राजबाला, शांति देवी, पूजा, सरिता, सुशीला, नीतू, संजना, राजबाला, निर्मला ने कहा कि करीब ढाई साल पहले उन्होंने नगर पालिका में फार्म जमा कराए थे। जिसमें उन्होंने शौचालय बनाने के लिए सरकार से मदद मांगी थी। अनुसूचित वर्ग की इन कॉलोनियों में परिवारों के पास शौचालय नहीं होने के कारण उनको खुले में शौच को जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुले में शौच न जाने के लिए प्रेरित करते हैं। दूसरी ओर शौचालय बनाने के लिए पैसा नहीं दिया जा रहा। महिलाओं ने कहा कि अगर 10 दिन में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो महिलाएं लोटे और बोतल लेकर एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगी। महिलाओं ने कहा कि लघु सचिवालय में ही धरना देकर विरोध जताएंगी।
बोलीं महिलाएं
दो साल से मेरा पति बीमार चल रहा है। वह बाहर नहीं जा सकता। घर में उनको शौचालय कराने के बाद सिर पर गंदगी को उठाकर खुले में डालकर आती हूं। नगर पालिका में कई बार मांग कर चुकी हूं।
- चमेली, धानकान मोहल्ला, महेंद्रगढ़।
मैं बीमार रहती हूं। खुले में शौच जाने की मजबूरी है। अब शहर में ऐसी जगह भी नहीं है। कई बार ऐसी जगह पर शौच के लिए जाना पड़ता है, जहां से लोग गुजर रहे हों। शर्म के कारण कई बार शौच नहीं जा पाती।
- गंगा, खटीकान मोहल्ला, महेंद्रगढ़।
शहर में अब जगह नहीं मिल रही। अब शौचालय जाने के लिए दो से तीन किलोमीटर दूर खेतों में जाना पड़ता है। रात के समय पेट खराब हो जाए तो घर से किसी पुरुष को साथ लेकर जाना पड़ता है। शौचालय के बिना काफी परेेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- संतोष, बास मोहल्ला, महेंद्रगढ़।
मेरे पैर में चोट लगी हुई है। आने-जाने में काफी तकलीफ होती है। घर में शौचालय नहीं होने के कारण किसी का सहारा लेकर खुले में शौच के लिए जाती हूं। कई बार किसी दूसरे के घर में शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे शर्म महसूस होती है।
- अंगूरी देवी, सराय मोहल्ला, महेंद्रगढ़।