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स्वच्छ मैप एप से भी नहीं हो पाई शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त

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न गंदगी हटी, न जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई
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नारनौल। प्रदेशभर में साफ-सफाई के लिए सरकार ने स्वच्छ भारत मैप ऐप की शुरुआत की है। यहां इसकी शुरुआत पांच दिसंबर से हो चुकी है। पांच दिन में यह पांच कदम भी नहीं चल पाया है। यही कारण है कि मैप में जहां पूरे नारनौल को ग्रीन यानी साफ-सुधरा दिखाया गया है, जबकि हकीकत में जहां क्लीन दिख रहा है, वहां पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। दावे के अनुसार, ऐप पर पांच दिन में करीब 35 शिकायतें आई हैं, जिनमें 31 का निपटारा कर दिया गया, जबकि हकीकत में चारों ओर गंदगी का आलम दिखाई दे रहा है।
नगर परिषद ने लोगों को गंदगी से निजात दिलाने के लिए पांच दिन पहले मंगलवार को स्वच्छ भारत मैप ऐप पर गंदगी के फोटो भेजने को कहा था। इसके तहत बुधवार से यह ऐप पूरी तरह से काम करने लगा। पहले दिन इस पर 18 शिकायतें, यानी गंदगी के फोटो आए। नगर परिषद का दावा था कि इन 18 शिकायतों में से 16 को निपटारा कर दिया गया। नप अधिकारियों के अनुसार इस ऐप पर आई शिकायत का दो दिनों के अंदर निपटारा कर दिया जाता है। दावे को जानने के लिए बुधवार को अमर उजाला ने भी यह ऐप डाउनलोड किया। मोहल्ला नई सराय में डॉ. घनश्याम के घर के पास पसरी गंदगी और जमालपुर मोहल्ले की गंदगी के फोटो डाले गए। इनका रविवार तक समाधान नहीं हुआ।
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रविवार को ऐप में दिखा पूरा शहर ग्रीन
रविवार को मैप में पूरा शहर ग्रीन दिखाई दे रहा था। ऐप के अनुसार रविवार तक 35 शिकायतें आईं, जिनमें से 31 का निपटारा कर उनके सामने ग्रीन यानी साफ-सुथरे का टैग लगा दिया गया, जबकि केवल चार स्थानों पर ही डर्टी यानी लाल रंग के टैग लगे हुए दिखाई दिए।

जमीनी हकीकत में कई जगह पसरी दिखी गंदगी
जब एप पर लोगों की गई शिकायत व एप द्वारा दिखाए गए ग्रीन क्षेत्र का अमर उजाला की टीम ने दौरा किया तो पाया कि वहां पर गंदगी पसरी हुई है। लोगों ने राव बंसी सिंह पार्क, मुख्य बाजार, मोहल्ला रावका आदि जगहों के फोटो डाले थे। वहां के क्षेत्र के एप ग्रीन भी दिखा रहा था। मगर जब वहां का दौरा किया तो देखा कि वहां पर गंदगी का आलम है।

हमारे मियां घर नहीं, हमें किसी का डर नहीं
‘हमारे मियां घर नहीं, हमें किसी का डर नहीं’ वाली कहावत रविवार को सफाई कर्मचारियों पर चरितार्थ हो रही थी। रविवार के चलते नप अधिकारी अवकाश पर रहते हैं। इसलिए सफाई की चेकिंग नहीं होती। रविवार को सफाई निरीक्षक आनंद मलिक भी बाहर थे। इस कारण रविवार को सफाई कर्मचारियों ने शहर में सही प्रकार से सफाई नहीं की। इस कारण मुख्य बाजार, मुख्य मार्ग व गली मोहल्लों में चारों ओर गंदगी का आलम दिखाई दिया। इस बारे में नप अधिकारियों से जानना चाहा कि रविवार को क्या सफाई कर्मचारियों का अवकाश होता है तो एसआई साहब ने फोन तक नहीं उठाया। वहीं अन्य सोर्स से पता किया तो पता चला कि सफाई कर्मियों का रविवार को कोई अवकाश नहीं होता।

स्वच्छ मैप का कोई फायदा नहीं हो रहा है। शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस कारण शहर में चारों ओर गंदगी फैली हुई है।
-किशोरीलाल

शहर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जिनका सही उठान नहीं होता है। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। रविवार को शहर में कभी सफाई नहीं होती।
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-गौतम शर्मा

शहर को क्लीन व ग्रीन बनाने के लिए मैप या ऐप की जरूरत नहीं है, बल्कि हकीकत में जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। इससे ही हालात बदलेंगे।
-शक्ति सिंह

लोगों को जागरूक होना होगा। नगर परिषद अगर सही ढंग से साफ सफाई करे तो शहर बिल्कुल साफ सुधरा दिखाई दे, मगर हालत इन दिनों काफी खराब बने हुए हैं।
-बाल किशन

स्वच्छ मैप ऐप पर चार दिन में करीब 35 शिकायतें आई हैं। इनमें से तीन-चार को छोड़ अन्य सभी का निपटारा कर दिया गया है। यदि कहीं सफाई नहीं की गई तो वहां सोमवार को सफाई करा दी जाएगी। सोमवार को मौके का निरीक्षण किया जाएगा। यदि गंदगी पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
-अभय सिंह यादव, ईओ, नगर परिषद, नारनौल।
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