पार्षदों की खींचतान से शहर के विकास पर ब्रेक
महेंद्रगढ़। नगरपालिका पार्षदों की नपा चेयरपर्सन और पार्षद पति के साथ आपसी खींचतान के कारण शहर के करोड़ों रुपये के विकास कार्य रुके हुए हैं। शहरी सरकार बनने को लगभग डेढ़ वर्ष हो चुका है। इस दौरान पार्षदों की पांच बैठकें हुई हैं। इनमें से एक भी बैठक के सभी प्रस्ताव पर के काम पूरे नहीं हुए हैं। इनमें से दो बैठक की कार्रवाई को लेकर कमिश्नर और जिला उपायुक्त के पास जांच चल रही है। शेष बैठक में पास एजेंडों की जिला उपायुक्त की ओर से अनुमति दी जा चुकी है, किंतु उन पर काम शुरू नहीं हो पाया है। नगरपालिका के विकास की धीमी गति के कारण शहर के हालात नहीं सुधरे पाए हैं। शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा स्वयं इस मामले को लेकर काफी चिंतित हैं। वो कई बार पार्षदों को बुलाकर हस्तक्षेप कर चुके हैं किंतु उसके बाद भी खींचतान नहीं रुकी। इस खींचतान को लेकर नगरपालिका के तीन पार्षदों ने जिला उपायुक्त को अपना इस्तीफा दे दिया किंतु अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।
पहली बैठक में ही नजर आई खींचतान
नगरपालिका के पार्षदों और चेयरपर्सन पार्षद पति की खींचतान पहली बैठक से ही नजर आ गई थी। कुछ पार्षद रीना गर्ग को चेयरपर्सन बनाने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के हस्तक्षेप के चलते 7 जुलाई 2016 को रीना गर्ग को सर्वसम्मति से चेयरपर्सन बना दिया गया।
अगस्त 2016 को रीना गर्ग ने चेयरपर्सन की शपथ ली। इसके बाद पहली बैठक 19 अगस्त 2016 को आयोजित की गई। इसमें 15 में से मात्र छह पार्षद उपस्थित थे। इसके बाद 23 नवंबर को दूसरी, 20 फरवरी को आम तथा सदन दोनों की बैठक हुइ। अंतिम बैठक 13 जुलाई 2016 को आयोजित की गई। इसमें विरोधी पार्षदों के साथ नाराज चल रहे अन्य पार्षद भी अनुपस्थित रहे।
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दूसरी बैठक के इन एजेंडों पर नहीं हुआ काम
शहर के मुख्य चौकों पर लगभग 45 लाख रुपये खर्च कर मोडिफिकेशन किया जाना था। सतनाली चौक, राव तुलाराम पर काम शुरू तक नहीं हुआ है।
शहर में 21 लाख रुपये से हाई मास्क लाइटें लगाई जानी थीं
नगर के सतनाली चौक, माजरा चुंगी, राव तुलाराम चौक पर लगभग 27 लाख रुपये से ट्रैफिक लाइटें लगाई जानी थीं
पालिका ने सड़कों की रिपेयरिंग के 50 लाख रुपये की राशि मंजूरी की है। इसके अलावा मसानी चौक से माजरा चुुंगी तक 117 लाख रुपये से रोड को चौड़ा किया जाना था। नगर के ब्रह्मदेव चौक से लेकर एसडीएम निवास तक 86.71 लाख रुपये से नई सड़क बनाई जानी थी जिस पर अभी काम शुरू हुआ है।
37 लाख रुपये से नगरपालिका कार्यालय से ब्रह्मचारी रोड तक नया मार्ग बनाया जाना था। इस पर काम शुरू नहीं हुआ।
एक करोड़ रुपये की राशि से शहर के बड़े नाले बनाए जाने थे। सैनीसभा से छोटू वाला जोहड़ तक एक साइड का नाला, भाई राम सिंह की कोठी से आखिरी प्वाइंट तक, सैनी सभा से आखिरी प्वाइंट तक वाया धोलपोश, मसानी चौक से आखिरी प्वाइंट तक।
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तीसरी बैठक के इन एजेंडों पर नहीं हुआ काम
जरूरी स्थानों पर रिचार्ज बोर करवाए जाने थे। अभी तक केवल गंगा देवी आई हॉस्पिटल के पास रिचार्ज बोर किया गया है
सब्जी मंडी के पीछे सुलभ शौचालय के साथ से नगरपालिका ब्रह्मचारी तक रोड बनाया जाना था
शहर की नगरपालिका द्वारा चरखी दादरी, रेवाड़ी, नारनौल, अटेली, सतनाली रोड़ पर मुख्य द्वार लगाए जाने थे, जिस पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ
शहर में बंदरों को पकड़ने का भी फैसला किया गया था
एक नागरिक सुविधा केंद्र भी शहर में मनाया जाएगा
शहर की नगरपालिका ने आम बजट में 2.5 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च करने का लक्ष्य रखा। कुछ रोडों पर काम हो गया और कुछ पर चालू है
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चौथी बैठक के एजेंडे हैं बाकी
शहर में वाई फाई शुरू किया जाना था
शहर के मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी लगाए जाने थे
खेल स्टेडियम महेंद्रगढ़ में टेनिस कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट और स्पोर्ट्स यूटिलिटी कोर्ट भी बनाया जाना था।
रणबीर सिंह हुड्डा पार्क में ओपन जिम भी खोली जानी थी।
नगरपालिका में अपने 15 प्रस्ताव में शहर को लावारिस पशु मुक्त करने का संकल्प लिया था
पालिका ने 16वें प्रस्ताव में शहर में मुख्य जगहों पर स्थायी डस्टबिन लगाए जाना था
तीन-चार पार्षद ऐसे हैं जिनका प्रथम प्रयास मीटिंग का कोरम पूरा नहीं होने देना रहता है। जब कोरम पूरा हो जाता है तो मीटिंग में आकर सभी प्रस्तावों का विरोध करना रहता है। विकास कार्य रुके नहीं है बल्कि विलंब हो रहे हैं। नगरपालिका ने अपने कार्य की रफ्तार बढ़ा दी है। जल्द ही शहर में विकास कार्य नजर आएंगे। चौथी मीटिंग के प्रस्ताव पर ऑब्जेक्शन लगाया हुआ है। इस कारण उस प्रस्ताव में रखे गए एजेंडों की जिला उपायुक्त से अनुमति नहीं मिली है।
-रीना गर्ग, नपा चेयरपर्सन
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पार्षदों की आपसी खींचतान नहीं है। नगरपालिका चेयरपर्सन और उनके पार्षद पति की तानाशाही के चलते शहर बेहाल हो रखा है। शहर के जो विकास कार्य रुके हुए हैं उसके लिए मैं प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं।
-अमित मिश्रा, पार्षद
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नगरपालिका की 13 जुलाई को आयोजित मीटिंग पर ऑब्जेक्शन लगा हुआ है। इस मीटिंग कार्रवाई की जांच चल रही है।
-जिला उपायुक्त, गरिमा मित्तल।