फोटो नंबर- 14ग्रामीण रूट पर संचालित बसों के बूथ के पास पेड़ की छांव में बैठकर बस का इंतजार
नारनौल। करीब 40 वर्ष पहले बने नारनौल बस स्टैंड और वर्कशॉप भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए अब इसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी। डिपो प्रशासन ने भवन की खराब हालत की जानकारी मुख्यालय को भेजी गई थी। इसके बाद मुख्यालय ने लोक निर्माण विभाग को पत्र जारी कर बस स्टैंड और वर्कशॉप भवन का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी यह आकलन करेगा कि भवन की मरम्मत संभव है या फिर इसे कंडम घोषित करने की आवश्यकता है। वर्तमान में भवन की छत और दीवारों से बारिश के दौरान पानी टपकता है।
वहीं बस स्टैंड परिसर सड़क स्तर से नीचा होने के कारण हल्की बारिश में भी एक से दो फीट तक पानी भर जाता है। सीवर चैंबर में उचित ढाल नहीं होने से कई बार शौचालयों को भी बंद करना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
निरीक्षण तक टीन शेड का कार्य भी रुका
ग्रामीण रूट के बूथ पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रस्तावित टीन शेड लगाने का कार्य भी फिलहाल रोक दिया गया है। इसके लिए करीब 36 लाख रुपये का अनुमान तैयार कर मुख्यालय को भेजा गया था और टेंडर प्रक्रिया की तैयारी चल रही थी। हालांकि अब भवन की स्थिति पर रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि टीन शेड निर्माण का कार्य आगे बढ़ेगा या नहीं।
आठ साल पहले हुई थी मरम्मत
बस स्टैंड भवन की मरम्मत करीब आठ वर्ष पहले कराई गई थी, लेकिन चार दशक से अधिक पुराने इस भवन की हालत फिर खराब हो गई है। भवन की दीवारों और छत से प्लास्टर झड़ रहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि तकनीकी जांच के बाद भवन को कंडम घोषित किया जा सकता है।
वर्जन :
बस स्टैंड की मरम्मत कार्य के लिए मुख्यालय को अवगत करवाया गया था। मुख्यालय द्वारा पीडब्ल्यूडी को भवन का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। -देवदत्त, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो