अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
गांव मुंडायन के सरसों की खरीद नहीं होने को लेकर किसानों ने सरसों से भरे ट्रैक्टर नेशनल हाईवे पर खड़े कर जाम लगा दिया। एक घंटे तक लगे इस जाम में वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इससे पहले किसान एसडीएम उत्तम सिंह से उनके कार्यालय पर मिलकर आए थे जहां पर उन्हें एक घंटे में खरीद शुरू होने का आश्वासन दिया था। जब खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानों ने जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थाना पहुंचे एसडीएम उत्तम सिंह ने किसानों का मंडियों में सरसों की खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया, तब जाकर किसानों ने जाम खोला।
गांव मुंडायन के किसानों ने बताया कि उनकी सरसों की खरीद 3 अप्रैल को हैफेड द्वारा की जानी थी। 3 अप्रैल एवं 4 अप्रैल के पूरे दिन बीत गए किंतु उनकी सरसों की खरीद नहीं हो पाई। उनको टोकन और गेट पास भी दे दिया गया और ढ़ेरियां फडों पर पड़ी हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 और 6 अप्रैल को तूफान और भारी बारिश की संभावना है। अगर उनकी फसल खराब हो गई तो घर चलाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल को शाम को मंडी में आ गए थे। किंतु दो दिन बीत जाने के बाद उनकी सरसों की खरीद नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि फूड स्पलाई के कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के आदेश आ चुके हैं इसलिए वो सरसों की खरीद नहीं करेंगे। इसके बाद दोपहर 1 बजे एसडीएम कार्यालय जाकर एसडीएम से मिले थे। एसडीएम ने आश्वासन दिया था कि उनकी खरीद एक घंटे में शुरू हो जाएगी। किंतु दो घंटे बीत जाने के बाद भी खरीद शुरू नहीं हुई। इसलिए मजबूरी वश उन्होंने जाम लगाया है।
जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी नवल किशोर एवं हैफेड इंचार्ज जगराम यादव ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जो ढेरी अनाज मंडी में पड़ी है उनकी खरीद मंडी में ही हो जाएगी। जो ट्रैक्टर खड़े हुए हैं उनकी हैफेड में खरीद कर ली जाएगी। किंतु किसान उनकी बातों पर सहमत नहीं हुए। किसानों ने कहा कि उनकी खरीद अनाज मंडी में ही होनी चाहिए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम उत्तम सिंह ने ग्रामीणों को बताया कि उनकी खरीद मंडी में हो जाएगी। आगे की बात वो मंडी में चलकर करेंगे जो समाधान होगा वो निकाला जाएगा। इसके बाद किसान एसडीएम के आश्वासन पर मान गए और जाम खोल दिया।
----------------
वे 2 अप्रैल को सरसों लेकर आए थे। फूड सप्लाई द्वारा 3 अप्रैल को सरसों खरीदी जानी थी। किंतु आज सुबह उन्होंने सरसों खरीदने से मना कर दिया। एसडीएम से मिलने के बाद आधे घंटे में खरीद शुरू होने की बात कही थी। जब खरीद नहीं हुई तब उन्होंने मजबूरी वश जाम लगाया है। - किसान महेंद्र सिंह
-------------
2 अप्रैल को सरसों लेकर आ गए थे। तीन दिन से भूख प्यास अपनी सरसों बेचने के लिए मंडी में खड़े हैं। टोकन तथा गेट पास भी दे दिया गया और ढेरियां फड़ों पर पड़ी हैं। उसके बाद भी सरसों की खरीद नहीं हुई। इसके लिए वे एसडीएम से भी मिले थे। एसडीएम ने आधे घंटे में हैफेड द्वारा खरीद किए जाने का आश्वासन दिया था किंतु दो घंटे बाद भी सरसों की खरीद नहीं हो पाई है।
-कृष्ण कुमार, पूर्व सरपंच
वर्जन:
2 अप्रैल की शाम को तूफान एवं बारिश आने के कारण सरसों भीग गई। 3 अप्रैल को उनको सूखाकर उठान एवं तुलाई करवाने में ही समय लग गया था। आज उनके पास दस बजे उच्च अधिकारियों को लेटर आ गया कि उनका टारगेट पूरा हो चुका है। अब फूड सप्लाई खरीद नहीं करेगी।
-ध्यान सिंह, फूड सप्लाई इंसपेक्टर।
वर्जन:
किसानों की समस्याओं का समाधान हो गया है। जिन किसानों को गेट पास मिले हुए हैं उनकी खरीद अनाज मंडी में करवा दी गई और जिन के पास गेट पास नहीं है उनकी हैफेड में हो जाएगी।
- उत्तम सिंह, एसडीएम, महेंद्रगढ़।