अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सब डिपो का शिलान्यास का पत्थर रखे जाने के ढाई वर्ष बीतने के बाद काम शुरू नहीं हो पाया है। 32 माह में डिपो की फाइल केवल अप्रूवल तक ही पहुंची। सरकार की ओर से सब डिपो की बिल्डिंग के लिए लगभग 6.79 करोड़ रुपये की सरकार से मंजूरी मिली है। मंजूरी का लेटर नारनौल डिपो में ही आया है, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के पास अभी तक अप्रवूल नहीं आई है। इस कारण टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रदेश में टॉप गियर में काम होने का दावा कर रहे हों, लेकिन महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के काम पहले गियर में भी नहीं हो रहे। वैसे भी प्रदेश सरकार के पास अब 10 माह से भी कम समय रह गया है। अगर काम इसी गति से चलता रहा तो इस सरकार में सब डिपो बनना तो दूर काम शुरू होना भी संभव नहीं है। अगर 10 माह में घोषणाओं पर काम नहीं हुआ तो जनता तीन राज्यों परिणाम हरियाणा में भी दोहराएंगे। महेंद्रगढ़ बस स्टैंड को बने हुए 23 वर्ष हो चुके हैं। 23 वर्षों में यहां से 23 बसें भी नहीं चली। इन वर्षों में न तो बस स्टैंड का विकास हो पाया न ही रेहड़ी चालकों एवं दुकानदारों व्यापार बढ़ पाया। विगत वर्षों की तुलना में महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर यात्रियों एवं बसों का आवागमन बढ़ा है लेकिन इतना नहीं बढ़ा जितना बढ़ना चाहिए था।
इसका मुख्य कारण बस स्टैंड का विकास नहीं होना। बस स्टैंड में 23 वर्षों के दौरान कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आया। वर्तमान में बस स्टैंड पर लगभग छह दुकानें बनी हुई हैं। यात्रियों की संख्या कम होने तथा दुकान किराया अधिक होने के कारण यहां की दुकानों के टेंडर प्रति वर्ष खाली ही जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर बस स्टैंड विकसित हो जाता तो यहां निश्चित रूप से सैल बढ़ती। अभी तो उनका घर खर्च ही चलता है। जिस हिसाब से महंगाई बढ़ी है उसके अनुसार सेल नहीं बढ़ी, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
दो मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सब डिपो का काम अधर में
शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने 9 अप्रैल 2016 में महेंद्रगढ़ में प्रगति रैली आयोजित की थी। रैली के मुख्यातिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 12.57 करोड़ रुपये से महेंद्रगढ़ में सब डिपो का शिलान्यास पत्थर रखा था। डेढ़ वर्ष बीतने के बाद सब डिपो बनाने की प्राथमिक प्रक्रिया पर काम शुरू हुआ। इससे पूर्व 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर सब डिपो बनाने की घोषणा की थी। तत्कालीन सरकार ने इसका बजट भी जारी कर दिया था और तत्कालीन हुड्डा सरकार के परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने यह बजट अपने विधानसभा क्षेत्र नूंह में डिपो बनाने पर खर्च कर दिया।
60 बसों का बेड़ा जुड़ेगा
महेंद्रगढ़ सब डिपो वर्कशॉप बनने के बाद कम से कम 60 बसों को बेड़ा जुड़ेगा। इससे लोगों को आने-जाने में काफी सुविधा हो जाएगी। इसके अलावा परिवहन विभाग का स्टाफ भी बढ़ाया जाएगा और साफ-सफाई के कर्मचारियों की सीटें भी बढ़ेंगी। वर्तमान से महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से मात्र 22 बसें चलती हैं। जिनमें से अधिकतम दूरी पर बसें दिल्ली जयपुर के लिए चलती हैं। सब डिपो बन जाने से बसों की संख्या तो बढ़ेे ही, लोगों को सुविधा और रोजगार भी उपलब्ध होगा। सब डिपो बन जाने से विधानसभा क्षेत्र के लगभग 104 गांवों और 25 ढाणियों के लगभग दो लाख लोगों को फायदा होगा।
वर्जन
सरकार की ओर से सब डिपो के लिए 679.76 लाख रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। अभी तक इसकी राशि नहीं आई है। राशि आने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- राजीव नागपाल, जीएम, नारनौल डिपो।
वर्जन
सब डिपो का हमारे पास कोई अपडेट नहीं है। हमने मुख्यमंत्री की रैली से पहले एस्टीमेट बनाकर भेज दिया था। अभी तक उसकी अप्रूवल नहीं आई है।
- दर्शन कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।