फोटो संख्या:73- सतनाली अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे लगी सरसों की ढ़ेरी व रखे बैग--संवाद
महेंद्रगढ़। सरसों खरीद बंद होने के दो दिन बीतने के बावजूद भी जिम्मेदार खुले आसमान के नीचे रखी सरसों का उठान नहीं कर पाए। वीरवार देर रात से अंधड़ के साथ हुई पांच एमएम बारिश से महेंद्रगढ़ व सतनाली मंडी में करीब 20178 क्विंटल सरसों भीग गई। सरसों में नमी होने के कारण दोपहर तक सुखाने के बाद उठान शुरू हो पाया। जिम्मेदारों का दावा है कि दो दिनों में उठान पूरा कर लिया जाएगा।
महेंद्रगढ़ के बस स्टैंड के वर्कशॉप पर बने अस्थायी खरीद केंद्र पर वीरवार देररात बूंदाबांदी से तकरीबन 7200 क्विंटल सरसों भीग गई। वहीं जिम्मेदारों को उपज बचाने के लिए 20 तिरपालों का सहारा है, लेकिन उनमें से भी अधिकांश फट चुके हैं। हालांकि बूंदाबांदी होने से सरसों में हुई नमी को सुखाने के लिए दोपहर बाद ही उठान शुरू हो पाया। बूंदाबांदी से बैगों के नीचे पानी भरने गया।
अस्थायी खरीद केंद्र पर एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक 3450 किसानों ने 75 हजार क्विंटल सरसों की खरीद की गई थी। हालांकि 67800 क्विंटल सरसों का उठान पूरा कर लिया गया था, लेकिन इस समय 7200 क्विंटल सरसों के 16 हजार बैग मंडी में पड़े हैं।
वहीं सतनाली मंडी में 12978 क्विंटल सरसों खुले आसमान के नीचे पड़ा है। जिम्मेदारों की ओर से मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी के बावजूद भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। इसके कारण ढेरियों और बैगों में पैक की सरसों में नमी की मात्रा बढ़ने से शुक्रवार को भी उठान कार्य प्रभावित रहा।