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मौसम ने लिया यू टर्न, तापमान में छह डिग्री की गिरावट

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तापमान छह डिग्री गिरा, मौसम में बढ़ी ठंडक
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नारनौल। दो दिन चली पूर्वा हवा के बाद बुधवार को मौसम ने अचानक क्षेत्र में यू टर्न ले लिया। मौसम के बदलाव के कारण दो-तीन दिन पहले सुबह से शाम तक पड़ रही गर्मी बुधवार सुबह अचानक गायब हो गई। वहीं न्यूनतम तापमान में तीन दिन के अंदर छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे बुधवार को सुबह हल्की ठंड का अहसास लोगों को हुआ। तापमान में आई इस गिरावट से किसान भी खुश हैं। कई दिनों से रबी की फसल की बुआई की बाट जोह रहे किसान अब अपनी सरसों की फसल की बुआई शुरू कर देंगे।
इस बार क्षेत्र में अक्टूबर माह में भी तेज धूप व गर्मी पड़ रही थी। जिसके कारण किसान अपनी फसलों की बिजाई भी नहीं कर पा रहे थे। जिन किसानों ने बारानी इलाकों में सरसों की बिजाई कर दी थी, वहां पर सरसों नहीं उग पाई तथा किसान की मेहनत बेकार चली गई। दिन में पडने वाले तेज धूप के कारण किसान अपनी फसल नहीं उगा पा रहा था। इससे किसान को बिजाई का समय बीतने की भी चिंता सता रही थी, मगर दो दिनों से पूर्वा हवा चली। जिसके बाद मंगलवार को शाम के समय ठंडी हवाएं चली तथा मौसम सुहाना रहा। वहीं मंगलवार रात को हल्की-हल्की ठंड लोगों ने महसूस की। मौसम में अचानक बदलाव आने से लोगों ने अक्टूबर के माह में पड़ रही भयंकर गर्मी से निजात पाई। बुधवार को सुबह का तापमान तीन-चार दिन के तापमान के मुकाबले छह डिग्री तक गिर गया तथा यह बुधवार को 15.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे लोगों को बुधवार सुबह ठंड का अहसास हुआ।
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अधिकतम तापमान में नहीं आई गिरावट
न्यूनतम तापमान में बुधवार को पांच डिग्री की गिरावट आ गई। वहीं दिन के समय आकाश में धुंधलापन रहा। जिसके कारण सूर्य देव के चटख तेवर नहीं दिखाई दिए। मगर तेज धूप न निकलने के बावजूद बुधवार को अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज नहीं की गई। बुधवार को अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
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किसान खुश, होगी बुआई शुरू
आमतौर पर क्षेत्र के किसान अक्टूबर माह में सरसों की बिजाई शुरू कर देते हैं। इसके लिए तापमान 20 डिग्री से 30 डिग्री के बीच होना चाहिए। मगर अक्टूबर की शुरूआत में न्यूनतम तापमान 20 से 25 डिग्री तथा अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास चल रहा था। जिसके कारण किसान अपने खेतों में सरसों की बुआई शुरू नहीं कर पा रहे थे। किसान अमीचंद, रामौतार, होशियार सिंह आदि ने बताया कि अब तापमान कम हो गया है। उन्होंने बताया कि ज्यादा तापमान होने के कारण बीज अंकुरित तो हो जाता है, मगर पौध जल जाती है। सरसों के लिए अधिकतम तापमान यानी दिन में 30 डिग्री से अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं न्यूनतम तापमान भी 20 डिग्री से कम हो तो ही अच्छा रहेगा। इससे सरसों का बीज अंकुरित हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकतम तापमान में गिरावट आते ही गेहूं की बिजाई भी शुरू हो जाएगी।
--ऐसे गिरा न्यूनतम तापमान
दिन अधिकतम न्यूनतम
20 अक्टूबर 34.5 22.0
21 अक्टूबर 34.0 21.0
22 अक्टूबर 33.5 21.0
23 अक्टूबर 33.0 20.0
24 अक्टूबर 35.0 21.5
25 अक्टूबर 34.5 15.0
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