रोहतक और पानीपत का मैच बीच में रुका
महेंद्रगढ़। गांव पाली के बाबा जयरादास स्कूल में खेले जा रहे राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में रोहतक एवं पानीपत के बीच हो रहा मैच रोहतक के कोच के विरोध करने पर रोक दिया गया। विरोध के चलते बुधवार को मैच लगभग 12.30 बजे शुरू किए जिस कारण आज फाइनल मुकाबला नहीं खेला गया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रमाण पत्र चैक कर पानीपत की टीम को बाहर कर दिया।
आपको बता दें कि मंगलवार को पानीपत एवं रोहतक के बीच मैच खेला जा रहा था। दस ओवर के मैच में एक इनिंग के छह ओवर फेंके जा चुके थे। उसी समय रोहतक के कोच कुलबीर सिंह ने पानीपत के पांच खिलाड़ियों की आयु को लेकर आब्जेक्शन किया। इस पर प्रबंधक समिति ने मैच को बीच में ही रुकवा दिया और पानीपत के कोच वीरेंद्र सिंह से बच्चों की आयु प्रमाण पत्र दिखाने की मांग की जो कोच नहीं दिखा सके। जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया ने बताया कि उन्होंने पानीपत के कोच 20 घंटे का समय दिया था किंतु इस दौरान वो पांचों खिलाड़ियों के आयु प्रमाण पत्र नहीं दिखा सके। कोच वीरेंद्र ने अपनी टीम को स्पर्धा से विड्रा कर लिया है।
जन्म प्रमाण पत्र पर नहीं थे खिलाड़ियों के नाम
रोहतक के कोच कुलबीर ने पानीपत टीम के खिलाड़ी देवांश, तेजमलिक, अर्जुन बजाज, वैभव तायल, तथा कृष्ण तायल की आयु पर आब्जेक्शन किया था। इसके बाद प्रबंधक समिति ने पानीपत कोच से जब उनका आयु प्रमाण पत्र मांगा तो उन्होंने पानीपत से खिलाड़ियों के जन्म प्रमाण पत्र मंगवाये। जिला शिक्षा अधिकारी ने जब उनकी आयु प्रमाण पत्रों की जांच की तो उनमें से तीन आयु प्रमाण पत्र पानीपत नगर परिषद के बनाए हुए थे जबकि दो खिलाड़ियों के प्रमाण पत्र दिल्ली नगर निगम के थे। इन पांचों प्रमाण पत्र पर खिलाड़ियों के नाम नहीं दिखाए थे जबकि उनके माता पिता का नाम लिखा हुआ था। नाम वाले कॉलम में क्रास चिह्न लगाया हुआ था। इन प्रमाण पत्रों को जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया ने मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद कोच वीरेंद्र ने लिखित में अपनी टीम को आगे नहीं खिलाने का फैसला लिया।
हम पानीपत के साथ मैच खेल रहे थे तो हमें कुछ खिलाड़ियों की आयु पर शक हुआ जिसका हमने विरोध कर दिया। जब उनसे समिति ने आयु प्रमाण पत्र की दिखाने की मांग की तो वो नहीं दिखा पाए। इसलिए पानीपत की टीम को मजबूरी वश बाहर होना पड़ा।
-कुलबीर सिंह, कोच, रोहतक क्रिकेट टीम।
वर्जन
हमारा रोहतक के साथ मैच चल रहा था। रोहतक ने मैच के बीच में खिलाड़ियों की आयु को लेकर विरोध जताया था। इससे पहले हम तीन मैच खेल चुके थे और हम जीत भी चुके थे। अब चौथे मैच में खिलाड़ियों पर विरोध जताया गया है। हमने पानीपत से उनके जन्म प्रमाण पत्र भी मंगवाए थे जिन पर उनका नाम नहीं था। इसलिए हमें मजबूरीवश बाहर बैठना पड़ा।
-वीरेंद्र कोच, पानीपत क्रिकेट टीम ।
रोहतक के कोच कुलबीर सिंह ने पानीपत के पांच खिलाड़ियों की आयु को लेकर विरोध जताया था। इस पर हमने पानीपत के कोच को आयु प्रमाणपत्र दिखाने के लिए कहा। वे प्रमाणपत्र नहीं दिखा पाए और लिखित में उनकी टीम को आगे नहीं खिलाने के फैसले के बाद हमें मजबूरी वश पानीपत की टीम को बाहर करना पड़ा
मुकेश लवानिया, जिला शिक्षा अधिकारी