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Mahendragarh-Narnaul News: शहर की 20 काॅलोनी स्वीकृत, 15 से अधिक को स्वीकृति का इंतजार

Sat, 15 Feb 2025 11:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:58- जगरामदास कॉलोनी में उबड़-खाबड़ कच्चा  रास्ता--संवाद
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महेंद्रगढ़। अस्वीकृत कॉलोनियां शहर को नगर परिषद का दर्जा दिलाने में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। पांच सालों के दौरान इन अवैध कॉलोनियों को सरकार से स्वीकृति दिलाने के लिए अधिकारियों व प्रतिनिधियों ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। शहर में करीब 20 कॉलोनियां ही स्वीकृत हैं, लेकिन 15 से अधिक को अभी भी प्रदेश सरकार से स्वीकृति का इंतजार है।
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वर्ष 2024 में प्रदेश सरकार की ओर से शहर चार कॉलोनियों को मान्यता दी थी, लेकिन उनपर भी शहरी दायरे से बाहर होने के कारण आपत्ति लगाकर रद्द कर दिया था। नगर पालिका की ओर से वर्ष 2023 में 11 कॉलोनियों की सर्वे कर रिपोर्ट बनाकर प्रदेश सरकार को भेजी गई थी। वर्ष 2024 में इन कालोनियों में से महज चार को ही प्रदेश सरकार ने मान्यता दी, लेकिन वह चार कॉलोनी भी नपा के दायरे से बाहर होने के कारण जिम्मेदारों ने आपत्ति लगाकर मान्यता रद्द कर दी थी।
लंबे समय से नगरपालिका के अधिकारियों का ट्रांसफर व विभिन्न मामलों की जांच के कारण इन कालोनियों की रिपोर्ट पर लगी आपत्ति को दूर करने में रुचि नहीं दिखाई। शहर की सरस्वती कॉलाेनी, राजबीर कॉलोनी, श्याम कॉलोनी, रामकृष्ण कॉलोनी, संगम विहार कॉलोनी, मोदीपुरम, जयरामदास कॉलाेनी, कैंची मोड़, जय कॉलोनी, हैप्पी एवरग्रीन मार्ग सहित अन्य कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए सर्वे कराने के बाद रिपोर्ट भेजी गई थी। लेकिन इनकी मान्यता पर लगी आपत्ति को भी दूर नहीं कर पाए जिसके कारण शहर में मतदाताओं की संख्या भी नहीं बढ़ पाई थी।
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- यह है कॉलोनियों को मान्यता देने के नियम:
नियमानुसार उस समय कॉलोनी के क्षेत्रफल की कोई अधिकतम सीमा नहीं थी, हालांकि न्यूनतम सीमा दो एकड़ होनी चाहिए। अवैध कॉलोनियों की आंतरिक सड़क की न्यूनतम चौड़ाई को छह मीटर होनी चाहिए। स्वीकृति के लिए नियमानुसार कॉलोनी में 70 से 80 मकान बने होने चाहिए साथ ही कॉलोनी हरित क्षेत्र का हिस्सा भी नहीं होना चाहिए। अवैध कॉलोनियों को वैध बनाने के लिए प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इनमें सड़क की चौड़ाई, जमीन का क्षेत्रफल और कॉलोनी का सरकारी योजनाओं से संबंध शामिल है।

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कॉलोनी को वैध कराने के लिए कई बार अधिकारियों से मुलाकात की जा चुकी है। बार-बार पालिका की ओर से सर्वे किया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कॉलोनी को मान्यता दिलाने की मांग को लेकर विधायक से भी मिला जाएगा।- राजेश, निवासी जगरामदास कॉलोनी
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जब विभागों से पेयजल व गलियों के निर्माण की मांग की जाती है तो अवैध काॅलोनी बताकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। काॅलोनी के लोग सड़क, सीवर, पेयजल कनेक्शनों के लिए परेशानी उठा रहे हैं। मान्यता दिलाने के लिए भी बार-बार फाइल तैयार की गई है लेकिन लंबे समय से लोगों को इंतजार है।- रोहताश, निवासी सरस्वती कॉलोनी
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