अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में सब्जी मंडी के व्यापारियों ने कहा कि अगर सरकार लावारिस पशुओं का प्रबंध करे हम गोवंश के लिए रोजाना 2 से 3 ट्राली सब्जी भेजने को तैयार हैं। हर एक आढ़ती गोवंश को पकड़वाने के लिए 1100-1100 रुपये चंदा देने को तैयार हैं। शर्त यह होगी कि लावारिस गोवंश दोबारा से सड़क पर नहीं आएंगे।
लावारिस पशुओं की समस्या के समाधान को लेकर अमर उजाला ने बुधवार को सब्जी मंडी में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें सब्जी मंडी यूनियन के अलावा प्रमुख आढ़तियों ने हिस्सा लिया। यूनियन के सदस्यों ने कहा कि लावारिस पशु लोगों की जान ले रहे हैं। सब्जी मंडी में व्यापारियों को रोजाना नुकसान पहुंचा रहे हैं। हर समय व्यापारी को सतर्क रहता पड़ता है। मंडी में हर समय 150 से 200 लावारिस पशुओं का जमावड़ा रहता है। पशुओं के कारण दुकानदार दिन भी डंडा लेकर उनके पीछे रहते हैं। मंडी में गंदगी का आलम रहता है। लावारिस पशुओं को पकड़वाने के लिए सरकार से कई बार मांग कर चुके हैं। डीसी डॉ. गरिमा मित्तल से भी इस बारे अनुरोध किया था। जुलाई 2018 में सीएम की रैली के समय से एक-दो दिन के लिए लावारिस सांड़ों को यहां से हटाया गया था। उसके बाद से यहां लगातार लावारिस पशुओं का आतंक है।
लावारिस पशुओं को यहां से प्रशासन हटाए तो हम पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। गोशालाओं को लावारिस पशुओं के लिए दो से तीन ट्राली सब्जी भेज देंगे। इनको पकड़वाने के लिए हर एक आढ़ती 1100-1100 रुपये देने को तैयार है। इसके लिए हमारी शर्त यह है कि लावारिस पशु दोबारा मंडी में नहीं आने चाहिए।
- सूरत सैनी, प्रधान सब्जी मंडी
पशुओं ने व्यापार करना मुश्किल कर दिया है। दिन भर हम पशुओं को भगाने में ही लगे रहते हैं। हर सप्ताह किसी न किसी को चोट लगती है। लावारिस लोगों के थैले से तुरंत सब्जी निकाल लेते हैं। अगर कोई महिला या बच्चा सब्जी हाथ में लेकर जा रहा हो तो उससे भी मुंह मारकर सब्जी छीन लेते हैं।
- कृष्ण कुमार, सचिव सब्जी मंडी
लावारिस पशुओं हर व्यापारी को परेशान करते हैं। मंडी से निकलने में भी खतरा बना रहता है। हमेशा भय बनता रहता है कि कब पशु किस ओर से आकर हमला कर देंगे। आपस में लड़ते हुए पशु व्यापारियों के वाहनों, सामान को भी नुकसान पहुंचाते हैं। प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता।
- ओमप्रकाश, आढ़ती सब्जी मंडी
प्रशासन कोई काम नहीं कर रहा। पशुओं के मामले में हर एक डेडलाइन पर विफल साबित हुई। शहर को लावारिस पशुओं से मुक्ति नहीं दिलाई जा सकी। सड़कों पर लावारिस पशुओं की संख्या कम होने की बजाए लगातार बढ़ती जा रही है। अधिकारी इस मुद्दे को लेकर खामोश हैं।
- रमेश कुमार, आढ़ती सब्जी मंडी
लोग सड़कों पर चलने तक में घबराने लगे हैं। लावारिस पशुओं के कारण काफी लोग यहां आने से बचते हैं। सब्जी मंडी के व्यापारी अपने कारोबार को नहीं कर पा रहे। मंडी के एक बड़े हिस्से में गोवंश का कब्जा है। दिन भर यहां झुंड रहता है। कोई इनको दुकान के आगे से हटाए तो उसको मारते हैं।
- वासुदेव, आढ़ती सब्जी मंडी
नगर पालिका अपना काम करने में नाकाम रही है। इस शहर का दुर्भाग्य रहा है। यहां सड़कों पर लावारिस पशु घूमते रहते हैं। जनता के हितों की सुध लेने वाला कोई अधिकारी नहीं है। यह पूरा शहर ही लावारिस हो चुका है। सरकार कोई ठोस कदम उठाए जिससे जनता को कुछ राहत मिल सके।
- रामकुमार, आढ़ती सब्जी मंडी
प्रशासन की ओर से लावारिस पशुओं को पकड़वाया जाना चाहिए। गोवंश को गोशाला में भेजा जाए। सरकार गोशालाओं को ग्रांट देकर पशुओं को चारा उपलब्ध कराए। आम लोगों को भी गोशालाओं को दान देना चाहिए। जिससे गोवंश का पेट भरा जा सके।
- संजय सैनी, आढ़ती सब्जी मंडी
सब्जी मंडी में लावारिस पशुओं का हर समय आतंक है। सरकार की ओर से कोई काम नहीं किया जा रहा। अधिकारी बहाना बनाकर एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। लावारिस पशुओं के कारण मंडी में हर सप्ताह किसी न किसी व्यापारी को नुकसान हो रहा है।
- महेंद्र सैनी, आढ़ती सब्जी मंडी