अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। बिजली निगम के डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के फिलहाल कनेक्शन नहीं कटेंगे। बिजली निगम ने बिल माफी योजना के रिस्पांस को देखते हुए इसे एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब डिफॉल्टर 31 जनवरी तक योजना का फायदा उठा सकेंगे। योजना में महेंद्रगढ़ डिविजन के 56.04 प्रतिशत लोगों ने फायदा उठाया है। बिजली निगम को 404.88 लाख रुपये को फायदा हुआ है। महेंद्रगढ़ डिविजन के 25107 डिफाल्टरों की ओर 6394.94 लाख रुपये बकाया था। सरकार की इस योजना को 14072 डिफॉल्टरों ने अपनाया जिन पर 3695.49 रुपये बकाया था। अब इन डिफॉल्टरों ने मात्र 404.88 लाख रुपये बिल अदा कर 3290.61 लाख रुपये माफ करवा लिए हैं।
अभी भी 11035 डिफॉल्टर इस योजना से वंचित रहे हैं जिन पर 2699.45 लाख रुपये बकाया हैं। निगम का यह पैसा पिछले कई वर्षों से बकाया पड़ा था जिनके आने की संभावना बहुत कम लग रही थी। सरकार ने माफी योजना चलाकर न केवल डिफॉल्टरों को फायदा पहुंचाया बल्कि बिजली निगम को भी इससे फायदा पहुंचा है।
महेंद्रगढ़ में 783.90 लाख रुपये में से आए मात्र 119.22 लाख रुपये
सिटी महेंद्रगढ़ सब डिविजन के 4104 डिफॉल्टरों (कनेक्टिड) पर 783.90 लाख रुपये बकाया था। इनमें लगभग 2462 डिफॉल्टरों ने योजना का लाभ उठाते हुए मात्र 119.22 लाख रुपये बिल के जमा करवाए हैं जबकि 882.12लाख रुपये माफ हुए हैं। इसके अलावा सिटी सब डिविजन में 4882 डिफॉल्टरों (डिसकनेक्टिड) की ओर 4929.47 रुपये बकाया था। इनमें 1950 डिफॉल्टरों ने 26.69 लाख रुपये बिजली बिल के अदा किए हैं। जबकि 441.69 लाख रुपये बिल माफ हो गए हैं।
सिटी सब अर्बन में 2191 डिफॉल्टरों के 357.01 लाख रुपये हुए माफ
सिटी सब अर्बन में 2676 डिफॉल्टरों (कनेक्टिड)पर 393.86 लाख रुपये बकाया था। सबसे अधिक योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने उठाया है। 2191 डिफॉल्टरों ने मात्र 82.82 लाख रुपये बिजली बिल अदा कर 357.01 लाख रुपये माफ करवा लिए। इसके अलावा 5045 डिफॉल्टर (डिसकनेक्टिड) पर 1828.42 लाख रुपये बकाया था। इनमें 2466 डिफॉल्टरों ने माफी योजना का लाभ उठाकर 43.19 लाख रुपये बिजली बिल के अदा किए जबकि 695.41 लाख रुपये बिजली बिल माफ हो गए।
कनीना सब डिविजन के हुए 356.70 लाख रुपये माफ
कनीना सब डिविजन में 3757 डिफॉल्टरों ने 356.70 लाख बिजली बिल माफ हुए हैं। इन्होंने मात्र 82.61लाख रुपये बिजली निगम को बिल के रूप में अदा किए हैं। डिविजन के लगभग 4593 डिफॉल्टरों (कनेक्टिड) की ओर 287.71 लाख रुपये बकाया था। डिसकनेक्टिड 3807 डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की ओर 1837.64 लाख रुपये बकाया था। इनमें से 1246 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाते हुए मात्र 50.35 लाख रुपये का बिल अदा किया जबकि 557.68 लाख रुपये बिजली बिल माफ करवाए।
यह है योजना:
हरियाणा सरकार ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के लिए बिल निपटारे की योजना शुरू की है। जिसके तहत ग्रामीण/ शहरी घरेलू/व्यवसायिक दोनों तरह के उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह स्कीम घरेलू/व्यवसायिक उपभोक्ताओं, जिनके बिजली के कनेक्शन बिल न भरने के कारण कटे हुए हैं उन पर भी लागू है। साथ ही चोरी के केस में लिप्त उपभोक्ताओं के लिए भी लागू होगी जिसके तहत उपभोक्ता अपनी चोरी की रकम का आधा हिस्सा व कंपाउंडिंग की पूरी रकम जमा करवा कर अपना केस फाइल करवा सकते हैं। बशर्ते उपभोक्ता ने कोर्ट से केस वापिस ले लिया हो।
वर्जन
योजना में अच्छा रिस्पांस रहा। उपभोक्ताओं को फायदा देने के लिए बिजली निगम ने इसे एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। 31 जनवरी तक उपभोक्ता इसका लाभ ले सकेंगे। निगम की ओर से निर्देश आ गए हैं। बड़े अमाउंट के डिफॉल्टरों और गांवों पर फोकस करेंगे।
- बुधराम पंवार, एक्सईएन, डीएचबीवीएन।