अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। रामलीला में किरदार निभाने वाले कलाकार इन 13 दिन में अपनी असल जिंदगी भूलकर किरदार में रम जाते हैं। रामलीला में अभिनय करने के बदले एक रुपया भी मेहनताना नहीं लेते। अगर जरूरत पड़े तो अपनी जेब से पैसा खर्च करते हैं। इन दिनों में सात्विक भोजन करते हैं। जिससे उनके विचारों में भी बदलाव आता है। कलाकार एक महीने तक अपना घर भूलकर रामलीला कलाकारों को ही अपना परिवार मान लेते हैं। यहां एक-दूसरे के सुख-दुख में सहयोग करते हैं। रामलीला निदेशक दिनेश महता ने बताया कि मंचन पर पांच लाख रुपये तक खर्च आ जाता है। जिसे चंदे या मुख्य अतिथि की ओर से मिलने वाले पैसे से पूरा किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमने इस बार कुुछ नए कलाकारों को भी मौका दिया है। इससे अधिक से अधिक लोगों को मौका मिल सके।
बीटेक स्टूडेंट हैं श्रीराम
हनुमान रामलीला कमेटी में भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले रोबिन गोरा बीटेक के स्टूडेंट हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले रोबिन ने बताया कि वह पिछले चार साल से राम का रोल कर रहा है। राम के पात्र को निभाने के लिए एक महीने तक प्रेक्टिस करता हूं। अविवाहित रोबिन ने बताया कि अभिनय को करते समय उनको काफी कुछ सीखने को मिला है।
लक्ष्मण आईटीआई टॉपर
लक्ष्मण बनकर रामलीला के मंच पर लोगों के सामने आने वाले शिवा सैनी ने हाल ही में आईटीआई टॉप की है। आईटीआई टॉप करने के बाद अब उनका टारगेट आईटीआई में टीचर बनने का है। शिवा ने कहा कि वह रामलीला के दिनों में किसी तरह के अपशब्द का उपयोग नहीं करते। पिछले चार साल से लक्ष्मण का पात्र निभा रहे हैं।
हनुुमान की रसगुल्ले की दुकान
हनुमान का किरदार निभाने वाले कमल सैनी की शहर में रसगुल्ले की दुकान है। कमल ने कहा कि यह एक महीना उनके जीवन को बदल देता है। इन दिनों में जमीन पर सोते हैं। ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करते हैं। कमल ने बताया कि सात साल से हनुमान का रोल कर रहे हैं। एक दोस्त के बीमार पड़ने पर हनुमान का रोल किया था। उसके बाद लगातार हनुमान का रोल ही करते हैं।
रावण का है केबल ऑपरेटर का ऑफिस
केबल ऑपरेटर होशियार सिंह सैनी रावण का रोल करते हैं। शहर के लोगों का केबल के जरिए मनोरंजन करते हैं। उन्होंने बताया कि आठ साल से रामलीला में पात्र बन रहे हैं। पहले मेघनाद, कुुंभकर्ण का रोल कर चुके हैं। अब रावण के रोल को करने में मजा आता है। एक महीना पहले ही रामलीला का अभ्यास शुरू कर देते हैं। किसी साथी को दिक्कत होने पर दूसरे का रोल भी करते हैं।
जूनियर राम होमवर्क करने के बाद पहुंचे
जूनियर राम का किरदार निभाने वाले भविष्य कक्षा छह के विद्यार्थी हैं। टैगोर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र भविष्य ने बताया कि वह पहली बार मंच पर आया है। सुुबह स्कूल जाता हूं और दोपहर होमवर्क करने के बाद शाम को रामलीला का अभ्यास करता हूं। भविष्य ने बताया कि उसने स्कूल के होमवर्क की तरह संवाद को याद किया है। अब मंच पर बोलने में कोई दिक्कत नहीं आती।
जूनियर लक्ष्मण राम से बडेे़े
श्रीकृष्णा स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र आलोक रामलीला में लक्ष्मण का रोल करते हैं। लक्ष्मण बनने वाले आलोक राम का किरदार निभाने वाले भविष्य से एक साल बड़े हैं। आलोक ने बताया कि उन्होंने इससे पहले किसी मंच पर काम नहीं किया। रामलीला के लिए खुद आए हैं। लक्ष्मण के संवाद पूरी तरह से याद किए हैं। आलोक ने बताया कि उन्होंने रामलीला के बारे में पहले जानकारी नहीं थी।