अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। नांगल चौधरी नगर पालिका की अवैध कालोनियों पर डीटीपी ने शिकंजा कसते हुए बुधवार को बहरोड़ रोड पर स्थित एक कॉलोनी में सैकड़ों प्लाटों की चारदीवारी को तोड़ा गया। करीब दो घंटे की इस कार्रवाई में भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
गौरतलब है कि नांगल चौधरी नपा को 13 वार्डों में विभाजित किया गया है। गठन के दौरान विभाग ने निर्मित भवन व कालोनियों को सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन कस्बे को शहर का दर्जा मिलते प्रापर्टी डीलर सक्रिय हो गए। उन्होंने सस्ती कीमत में एग्रीकल्चर लैंड खरीदकर प्लाटिंग करनी शुरू कर दी। बहरोड़ रोड पर कॉलेज के पास करीब चार एकड़ रकबे पर प्लाटिंग हो चुकी।
सूत्रों की मानें तो 150 से अधिक लोगों के नाम प्लॉटों की रजिस्ट्री करवा दी गई हैं। लेकिन कॉलोनी को अप्रूवड नहीं कराया गया, शिकायत मिलने पर डीटीपी ने प्लाट धारकों को नोटिस भेजे थे। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर विभाग ने तोड़फोड़ का निर्णय लिया। जिला उपायुक्त की अनुमति मिलने के बाद नांगल चौधरी के नायब तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। उनकी देखरेख में दोपहर एक बजे प्लॉटों की दीवारों को तोड़ना शुरू किया। इससे पहले कॉलोनी के चारों ओर पुलिस बल तैनात किया गया। ताकि लोगों के आक्रोश को तत्परता पूर्वक दबाया जा सके। दो घंटे की कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक दुकानों की दीवारों को क्षतिग्रस्त किया गया। तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही प्रापर्टी डीलरों में हड़कंप मच गया, जोकि फोन पर एक-दूसरे को स्थिति बताते रहे। कुछ प्लॉट धारकों ने विभाग की कार्रवाई पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि रजिस्ट्री के दौरान नपा को डेवल्पमेंट चार्ज दिया गया था। फिर कॉलोनी को अवैध श्रेणी में शामिल रखना उचित नहीं है। यदि कॉलोनी अवैध थी, तो रजिस्ट्री के दौरान ही इंकार कर देना चाहिए था। विभाग की गलती का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
कार्रवाई के दौरान जिला योजनाकार मंदीप सिंह, थाना प्रभारी हवासिंह, जेई मंजीत सिंह आदि मौजूद थे। जिला योजनाकार मंदीप सिंह ने बताया कि नांगल चौधरी में एक अवैध कॉलोनी को धवस्त किया गया है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अवैध कालोनी में दोबारा निर्माण किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। नपा के सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि नांगल चौधरी में 12 कॉलोनी अवैध थी, जिसमें एक को पिछले दिनों अप्रूवड कर दिया गया। अभी भी 11 कॉलोनी अवैध हैं, जिन्हें वैध करने के लिए उच्चाधिकारियों को फाइल भेज दी गई है।