फोटो नंबर-21ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल को लघुसचिवालय लेकर पहुंचे किसान। संवाद
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नारनौल। जिले में 28 फरवरी और एक मार्च को ओलावृष्टि के बाद अब किसान मुआवजे के लिए कृषि विभाग व लघु सचिवालय के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि, जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया था, वह तो मुआवजे के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसके लिए अब तक 1781 किसानों ने कृषि विभाग के कार्यालय में आकर शिकायत भी दे दी है। जिन किसानों ने बीमा नहीं करवाया था, वह अभी भी ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में दो दिन ओलावृष्टि होने से अनेक गांवों में 50 प्रतिशत तो कुछेक गांवों में ज्यादा नुकसान होने की किसान बात कह रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को मकसुसपुर के ग्रामीण भी लघु सचिवालय में खराब फसल को लेकर पहुंचे और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने हाथों में खराब सरसों की फसल ले रखी थी। लघु सचिवालय में आए ग्रामीणों का कहना था कि ओलावृष्टि से उनकी ज्यादातर सरसों खराब हो गई। उनके गांव में स्पेशल गिरदावरी करवा कर किसानों को मुआवजा दिया जाए।
गेहूं की फसल में भी नुकसान, अब मुआवजे पर टिकी आस
दो दिन ओलावृष्टि से सरसों के साथ गेहूं की फसल में नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि के साथ तेज हवा चलने से अनेक खेतों में गेहूं की फसल पसर गई है। अब उस फसल में पकाव अच्छे नहीं होगा। जिसकी वजह से उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।