फोटो नंबर- 19खराब पंखा और बरामदे में दरी पर बैठकर पढ़ते बच्चे। संवाद
नारनौल। मोहल्ला चौधरियान की प्राथमिक पाठशाला के बच्चे स्कूल भवन जर्जर होने के बाद भी सुविधाओं के अभाव में पढ़ने को मजबूर हैं। करीब एक माह पहले उन्हें सामने स्थित गौड़ ब्राह्मण सभा में शिफ्ट किया गया लेकिन यहां छोटे कमरों, बेंच की कमी और खराब पंखे के कारण बच्चों की परेशानी कम नहीं हुई। मासूम बरामदे में दरी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।
पाठशाला भवन को करीब डेढ़ साल पहले जर्जर घोषित किया गया था। इसके बावजूद बच्चों को 17 महीने तक जर्जर भवन के खुले बरामदे में पढ़ाया जाता रहा। करीब एक माह पहले विभाग ने बच्चों को सामने स्थित गौड़ ब्राह्मण सभा में शिफ्ट किया।
सभा की पहली मंजिल पर कमरे छोटे होने के कारण कक्षाएं बरामदे में लगानी पड़ रही हैं। बैठने के लिए बेंच नहीं हैं, इसलिए बच्चे दरी पर बैठते हैं। दो बरामदों में तीन पंखे लगे हैं जिनमें से एक खराब है। दूसरी ओर जर्जर स्कूल भवन अभी भी खड़ा है और वहां मिड-डे-मील वर्कर खाना बना रही हैं।
डेढ़ फीट के छज्जे पर बच्चों की सुरक्षा का खतरा
सभा की पहली मंजिल के बरामदे में चारों ओर मात्र डेढ़ फीट ऊंचा छज्जा है। खेलते समय बच्चों के नीचे गिरने का खतरा बना रहता है। शिक्षकों ने बच्चों को छज्जे से दूर रखने के लिए वहां करंट आने की बात कही है। यह व्यवस्था शिक्षा विभाग की लापरवाही को उजागर करती है।
एक साल में 20 प्रतिशत तक घटी बच्चों की संख्या
इसी अव्यवस्था के कारण अभिभावक भी बच्चों को पाठशाला भेजने में परहेज कर रहे हैं। एक साल में बच्चों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। पाठशाला में बाल वाटिका से कक्षा 5 तक के करीब 63 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं एक साल पहले पाठशाला में करीब 75 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे।
वर्जन :
मोहल्ला चौधरियान स्थित प्राथमिक पाठशाला के जर्जर भवन को ढहा कर, नए भवन के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया है। एस्टीमेट को मुख्यालय भेजा गया है, बजट पास होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
-अशोक कुमार शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, नारनौल।