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नपा चेयरपर्सन की अविश्वास प्रस्ताव पर चार अप्रैल तक लगी रोक

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नपा चेयरपर्सन के अविश्वास प्रस्ताव पर चार अप्रैल तक लगी रोक
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फोटो संख्या:44
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। नगरपालिका चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई को लेकर विरोधी पार्षदों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने महेंद्रगढ़ नगरपालिका की चेयरपर्सन के विरूद्ध 8 मार्च को रखे जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव पर आगामी 4 अप्रैल तक रोक लगा दी है। साथ ही जिला उपायुक्त को स्टेट रिपोर्ट तलब के लिए कहा है। नपा चेयरपर्सन रीना बंटी ने उच्च न्यायालय एवं महेंद्रगढ़ की न्यायिक अदालत में उन तीन पार्षदों के वोट देने के अधिकार पर रोक लगाने की मांग की थी जिन्होंने पिछले दिनों अपने पद से इस्तीफा देने के बाद उसे वापस ले लिया था। फैसला आने के बाद चेयरपर्सन के समर्थकों ने आजाद चौक तथा अग्रसेन पार्क के पास पटाखे जलाकर खुशी मनाई।
वकील गौरव मोहनता ने टेलीफोन पर बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने महेंद्रगढ़ नगरपालिका में 8 मार्च को होने वाले अविश्वास प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि 15 सदस्यीय महेंद्रगढ़ नगरपालिका के तीन पार्षद कमलेश तायल, अमित मिश्रा व नरेन्द्र खन्ना ने पिछले दिनों अपना इस्तीफा जिला उपायुक्त को सौंपा था जिसे उन्होंने मंजूर कर लिया था। बाद में इन पार्षदों द्वारा नगरपालिका के कार्यकारी सचिव से अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए पुनर्विचार करने की प्रार्थना की गई थी जिसे बाद में स्वीकार करके उन्हें वोट का अधिकार दे दिया गया था।
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ेगौरव ने बताया कि इसी बात को आधार बना कर हाई कोर्ट में इसे चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए आगामी 4 अप्रैल तक अविश्वास प्रस्ताव की बैठक पर रोक लगा दी है और उसी दिन जिला उपायुक्त को इस प्रकरण पर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। इसी प्रकार के आदेश स्थानीय न्यायिक अदालत में भी पारित किये हैं।
ये है मामला
7 जुलाई 2016 को महेंद्रगढ़ नगरपालिका के पार्षदों ने रीना बंटी को सर्वसम्मति से चेयरपर्सन चुना था। उसके कुछ समय बाद ही कुछ पार्षदों ने रीना बंटी के विरूद्ध बगावत का बिगुल बजा दिया था। बीते दिसंबर माह में इन पार्षदों की संख्या 10 हो गई थी। फरवरी माह में इन पार्षदों ने डीसी को अविश्वास प्रस्ताव के लिए अपना पार्थना पत्र सौंपा। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव की बैठक 8 मार्च तय की गई थी। पिछले 20 दिनों से ये दसों पार्षद भारत भ्रमण पर निकल गये थे। अभी तक वे वापस महेन्द्रगढ़ भी नहीं लौटे हैं।

सिविल कोर्ट ने पार्षदों से मांगा जवाब
नगरपालिका चेयरपर्सन को सिविल कोर्ट से भी राहत मिली है। 21 मार्च को जिला उपायुक्त, एसडीएम तथा इस्तीफा दे चुके तीनों पार्षदों को अपना जवाब देना होगा। याचिका कर्ता सुरेंद्र बंटी के वकील बलबीर सिंह शेखावत ने बताया कि उक्त मामले की सुनवाई न्यायाधीश विनीत कुमार की अदालत में हुई। न्यायाधीश ने अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई पर 21 मार्च तक रोक लगा दी है, साथ ही इस्तीफा देने वाले तीनों पार्षदों, जिला उपायुक्त तथा एसडीएम से जवाब मांगा है।
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सच्चाई की हुई जीत : सुरेंद्र
रीना बंटी के पार्षद पति सुरेन्द्र बंटी ने कहा कि आज उनकी अन्याय के विरुद्ध जीत हुई है। उन्होंने कहा कि तीन पार्षदों का इस्तीफा गैर कानूनी ढंग से नामंजूर करके उन्हें वोट का अधिकार दिया गया था। इस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि आज की अदालत की कार्रवाई से सच्चाई की जीत हुई है।
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