समाज व राष्ट्र की प्रगति का आधार होता है साहित्य
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली। हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकूला के तत्वावधान में रविवार को ऐशली स्कूल में सृजन गंगा कवि संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें नये साहित्यकारों ने अपनी काव्य रचनाओं की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी प्रचार साहित्य सभा दादरी की अध्यक्ष रोशनी शर्मा ने की। वहीं साहित्यकार डॉ. रामनिवास मानव ने मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत की। इस दौरान साहित्यकार डॉ. रामनिवास मानव ने कहा कि साहित्य, समाज व राष्ट्र की प्रगति का आधार होता है। साहित्यकार अपनी रचना के माध्यम से लोगों में ऊर्जा का संचरण कर अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं।
साहित्यकार रोहित यादव ने अपनी प्रस्तुती देते हुए कहा कि अभी बहुत कुछ शेष है, जीवन से मत भाग, बुझा नहीं है आस का जलता हुआ चिराग। हास्य कवि सुरेश मक्कड़ व कवि बीएस बेचेन ने अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों को खूब हंसाया। वही डॉ. लाज कौशल ने मां आधार है घर का, पिता छत, महत्व किसका ज्यादा यह सोचना मत... के माध्यम से मात-पिता का महत्व बताया। देवेंद्र जांगड़ा ने बहोत बोले स, म्हारा कालजां ने छोले...रचना प्रस्तुत की। डा. छतर सिंह वर्मा ने जीवन पथ पर चलते राही अपना फर्ज निभाता चल... कविता के माध्यम से लोगों को फर्ज का महत्व बताया। इस मौके पर प्रमोद वत्स, बीएस बेचेन, दलबीर फूल, नेमी चंद, डॉ. पंकज गौड़, शीला काकस, संदीप तोमर, जयप्रकाश कौशिक, डॉ. इंदू राव, हलचल हरियाणवी, शमशेर सिंह, डॉ. राकेश कुमार, हनी गुप्ता, जेएस सैनी, सुंदरलाल, राकेश, नवनीत सुबोध आदि कवियों ने अपनी प्रस्तुति दी। इस मौके पर नवोदित रचनाकारों को सम्मानित भी किया गया।