अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक अब आईटीआई के छात्रों को तैयार किया जाएगा। जिससे युवाओं को कंपनियों में आसानी से रोजगार मिल सके। इसके लिए आईटीआई नारनौल ने शुक्रवार को एक निजी कंपनी के साथ एमओयू पर साइन किया है। इसके तहत इंडस्ट्री के इंजीनियर आईटीआई छात्रों थ्योरी के साथ कंपनी में प्रेक्टिकल भी कराएंगे। जल्द ही अन्य कंपनियों के साथ आईटीआई एमओयू करेंगी। आईटीआई में करीब 1200 छात्र है।
आईटीआई प्रिंसिपल हरमिंदर सिंह ने बताया कि सुप्रीमो इंटरप्राइजेज के एमडी अशोक कुमार के साथ शुक्रवार को आईटीआई और कंपनी के बीच एमओयू पर साइन हुआ। इसके तहत शीट मेटल ट्रेड के छात्रों को प्रशिक्षण के दौरान सुप्रीमो इंटरप्राइजेज में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। इसके साथ ही कंपनी के इंजीनियर छात्रों को इंडस्ट्री की मांग के अनुसार तैयार करने में आईटीआई के टीचरों की मदद करेंगे। प्रिंसिपल ने बताया कि इससे छात्रों को आईटीआई करने के बाद रोजगार पाने में सहूलियतें मिलेगी। अभी पढ़ाई पास करने के बाद उन्हें अपरेंटिस करनी पड़ती है। कंपनियों के साथ अनुबंध होने पर छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही कंपनियों में ट्रेनिंग मिल सकेगी। इस दौरान प्लेसमेंट सेल के प्रभारी महाबीर सिंह, सुनील यादव, जयवंत समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
आईटीआई व इंडस्ट्री के बीच दूरी होगी कम
फिलहाल आईटीआई पास करने वाले छात्रों को कंपनियों में अपरेंटिस के लिए अप्लाई करना पड़ता है। इसके बाद ही इंडस्ट्री के अनुसार तैयार हो पाते हैं। नई व्यवस्था से कंपनियों के लोग पहले से ही छात्रों को अपनी जरुरतों के अनुसार पढ़ाई के साथ प्रेक्टिकल कराएंगे। आईटीआई के प्लेसमेंट सेल के प्रभारी महाबीर सिंह ने कहा कि इससे इंडस्ट्री को जरूरत के अनुसार मैन पावर मिल सकेगा। इंडस्ट्री में लगातार बदलाव होता रहा है। ऐसे में इंडस्ट्री के लोग अपनी जरूरत के अनुसार छात्रों को तैयार करने में आईटीआई के टीचरों की भी मदद करेंगे। छात्रों को नई तकनीकों के बारे में जानकारी देंगे।
सरकार ने किया संशोधन
बता दें कि केंद्र सरकार ने प्रशिक्षण की दोहरी प्रणाली 2017 में संशोधन किए हैं। नए नियमों में एक जनवरी 2019 के बाद दाखिला प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों पर लागू होंगे। मौजूदा प्रशिक्षकों के लिए पुराने नियम बरकरार रखे गए हैं। इंडस्ट्री के लोग हमेशा ही अपनी जरूरत के अनुसार आईटीआई के छात्र न होने की बात करते रहते थे। ऐसे में आईटीआई की साख और युवाओं का रोजगार अवसर को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2017 में प्रशिक्षण संशोधन नियम में बदलाव किए। वर्ष 2017 के नियमों को थ्योरी के साथ इंडस्ट्री में ट्रेनिंग का प्रावधान था जो कई श्रेणियों में मुश्किल था। इसमें 200 कर्मचारी वाली इंजीनियरिंग व नॉन इंजीनियरिंग इंडस्ट्री के साथ वार्षिक 10 करोड़ ओवर जैसी शर्तें लागू थी। इन खामियों को देखते हुए अक्टूबर 2018 में फिर से नियमों में बदलाव किए गए। नए नियमों के 40 कर्मचारियों और एक करोड़ वाले उद्योग भी शिक्षकों को रियल टाइम ट्रेनिंग दे सकते हैं।
ये भी हुए बदलाव
पहले छह माह के कोर्स के प्रशिक्षण समय निर्धारित नहीं था। अब कोर्स के अनुसार एक से तीन माह कर दिया गया है। एक साल के कोर्स के लिए पहले पांच माह प्रशिक्षण था, अब तीन से छह माह कर दिया गया है। दो वर्ष के लिए नौ माह के प्रशिक्षण को छह से 12 माह कर दिया गया है।
इन कंपनियों से जल्द होगा एमओयू
नाची इंडिया-मशीनिस्ट, मिंडा कोसिया में फीटर, एमजे मिंडा में पेंटर व सबरोज इंडिया द्वारा रेफ्रिजरेशन कोर्स के लिए एमओयू होना है।