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कनीना वार्ड की सफाई मामले में कनीना एसडीएम हुए निलंबित

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वार्ड की सफाई मामले में कनीना एसडीएम निलंबित
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- एसडीएम ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो मंत्री ने जारी किए निलंबित के आदेश
फोटो नंबर 10 से 13
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। कनीना नगर पालिका के वार्ड-4 की सफाई से संबंधित समस्या को गंभीरता न लेने पर एसडीएम संदीप सिंह को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। वहीं, उनके वकील जेएस ढिल्लो ने कहा कि मामले में हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे। यह फैसला लोकतंत्र की हत्या है।
बता दें कि गत 20 सितंबर को नारनौल के सभागार में जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना की बैठक उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में आयोजित हुुई थी। जिसमें मंत्री के सामने कनीना के वार्ड-एक निवासी जगमाल ने कहा था कि गंदे पानी की निकासी के लिए कनीना पालिका सचिव को एक शिकायत दी थी। परंतु उसका समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उसने दो बार सीएम विंडो पर शिकायत दी। जगमाल ने आरोप लगाया था कि सचिव ने झूठी रिपोर्ट पेशकर शिकायत को बंद कर दिया। जगमाल की सुनवाई के दौरान मंत्री ने कनीना नगर पालिका से संबंधित कर्मचारी को कई बार बुलाया। परंतु कोई कर्मचारी जवाब देने के लिए स्टेज के पास नहीं पहुंचा। जिस पर डीसी व मंत्री ने कनीना खंड से अन्य किसी अधिकारी को मंच पर बुलाने की बात कही, लेकिन कनीना खंड से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जवाब देने के लिए मौजूद नहीं था। इस पर मंत्री विपुल गोयल ने नपा व एसडीएम कार्यालय से कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं होने पर उपायुक्त को एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें चार्जशीट करने के आदेश दिए थे। इस पर मंत्री के साथ बैठे भाजपा नेता ने उनके कान में धीरे से कहा था कि एसडीएम पूर्व मंत्री का बेटा है। इस पर मंत्री ने कहा था कि मंत्री के बेटे हैं तो घर बैठें। मंत्री की इस टिप्पणी से आहत एसडीएम संदीप सिंह ने गत दिनों नारनौल कोर्ट में मंत्री के खिलाफ मानहानि का दावा दायर किया था। एसडीएम का कहना था कि चे पिता की बीमारी के चलते छुट्टी लेकर गए थे, इसकी जानकारी डीसी को दी थी। जोकि बयान 27 सितंबर को एसडीएम कोर्ट में भी दर्ज करवा चुके हैं। दूसरी ओर अब सरकार ने उन्हें निलंबित कर जांच बैठा दी है।
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वर्जन
एसडीएम संदीप सिंह एक इज्जतदार घराने से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता पर मंत्री द्वारा की गई टिप्प्णी पर न्यायालय का दरवाजा खटाखटाने की बात मंत्री को बुरी लगी तो उन्होंने एसडीएम को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जोकि लोकतंत्र की हत्या के सामान है। इसके लिए वे हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे।
- एसडीएम के वकील जसबीर सिंह ढिल्लो।
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