अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। गांव नांगल सिरोही में बिजली पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। ग्रामीणों कहा कि वो लंबे समय से बिजली पानी की समस्या से परेशान है। समस्या का कोई हल नहीं हो रहा है। जिसके कारण उन्हें मजबूरी में जाम लगाना पड़ा। जाम की सूचना मिलकर पहले पुलिस मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वो विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात पर अडे गए। करीब एक घंटे बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ प्रदीप यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को तीन दिन में खराब मोटर को ठीक करवा पेयजल की समुचित व्यवस्था करवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। शनिवार सुबह 11 बजे गांव नांगल सिरोही के लोग नारनौल-महेंद्रगढ़ रोड पर एकत्र हुए।
हनुमान मंदिर के पास एकत्र हुए इन ग्रामीणों ने अवरोधक डाल कर बाद में नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी हाईवे जाम कर दिया। कुछ समय बाद ही मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों ने बताया कि भीष्ण गर्मी में वो बिजली-पानी की समस्या से परेशान हैं। जिस बोर से उन्हें पेयजल की आपूर्ति होती है, उसके लिए केवल दो घंटे के लिए ही बिजली की आपूर्ति होती है। इससे उनके घरों पर पानी नहीं पहुंच पाता। इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग व बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार मौखिक व लिखित में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन दोनों ही विभाग के अधिकारी उनकी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे।
जाम की सूचना के करीब एक घंटे बाद जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग के एसडीओ प्रदीप यादव मौके पर ही पहुंचे। उन्होंने तीन दिन में पानी की समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर जाम तो खुलवा दिया, लेकिन महिलाओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बाद में उन्होंने पावर हाउस में पहुंचकर कनिष्ठ अभियंता राजेंद्र सोनी से 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने की मांग की। महिलाओं ने बताया कि पेयजल के कनेक्शन के लिए दो घंटे की बिजली आपूर्ति बहुत कम है। कनिष्ठ अभियंता ने असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि 24 घंटे बिजली की आपूर्ति लोड बढ़ने के बाद ही दी जा सकती है। इसका खर्चा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग वहन करेगा। तब लोड बढ़ने की प्रक्रिया आरंभ होगी। महिलाएं अपना रोष व्यक्त करने के बाद वापस लौट गई। महिलाओं ने बताया कि यदि तीन दिन तक पेयजल की आपूर्ति की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे फिर रोड जाम करने के लिए मजबूर होंगी।