फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आशा कार्यकर्ता यूनियन हुई दो फाड़

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार द्वारा जारी किए मांगों के नोटिफिकेशन में लगाई शर्तों के विरोध में पूर्व निर्धारित जेल भरो आंदोलन किया। इस दौरान यूनियन दो भागों में बटी दिखाई दी। कुछ कार्यकर्ता ने सीआईयूटी के साथ तो कुछ कार्यकर्ता हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच व एआईयूटीयूसी के साथ खड़ी दिखाई दी। इस प्रकार आशा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त की बजाय अलग-अलग यूनियनों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं दोनों ही यूनियन प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे को सरकार का एजेंट बताते हुए अपने आपको कार्यकर्ताओं का हितैषी बताया। यह पहली बार नहीं हुआ, इससे पूर्व भी एक बार आशा कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग यूनियन के साथ अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया था। हालांकि इस दौरान एक यूनियन ने जेल भरो आंदोलन में भाग न लेकर केवल मांगों का ज्ञापन डीआरओ के माध्यम मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित किया। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी गिरफ्तारी देने वाली कार्यकर्ताओं को मौखिक तौर पर गिरफ्तार करने का दावा कर उन्हें रिलीव कर दिया।
गौरतलब है कि आशा वर्कर यूनियन का मांगों के नोटिफिकेशन को बिना शर्त लागू करने की मांग को लेकर आशा वर्करों का पिछले आठ दिन से लघु सचिवालय में धरना चल रहा है। सरकार द्वारा उनकी मांगें नही मानने के विरोध में यूनियन ने 15 जून को नारनौल स्थित जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां देने का निर्णय लिया था। पूर्व से निर्धारित जेल भरो आंदोलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को कुछ आशा कार्यकर्ता सीआईयूटी व सर्व कर्मचारी संघ के तत्वावधान में चितवन वाटिका में एकत्रित हुई। वहीं, कुछ कार्यकर्ता हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच व एआईयूटीयूसी के तत्वावधान में चितवन वाटिका के ही सामने रेस्ट हाउस के पास एकत्रित हुई।
विज्ञापन


दोनों यूनियनों ने एक-दूसरे को बताया सरकार का एजेंट
आमने-सामने होने के कारण अलग-अलग यूनियन के बैनर तले एकत्रित हुई कार्यकर्ता कुछ एक पाले से दूसरे पाले जाकर बैठ गई। जब कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी लगी तो वह उन्हें अपनी ओर बुलाने के लिए दूसरे पाले में पहुंची तो उस पाले की कार्यकर्ता व यूनियन प्रतिनिधि उनसे उलझ गए। दोनों तरफ से कहासुनी होता देख अन्य कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

भारी पुलिस बल रहा तैनात
आशा कार्यकर्ता के जेल भरो आंदोलन के मद्देनजर लघु सचिवालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। यहीं नहीं चितवन वाटिका से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक कार्यकर्ताओं के पीछे और आगे पुलिस जवान साथ-साथ चले। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर बैठाने के लिए रोडवेज बसे भी मौके पर खड़ी करवाई गई थी।

कार्यकर्ताओं को नहीं किया गिरफ्तार
अकसर देखने में आता है कि यूनियन व संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर गिरफ्तारी देने के दौरान उनकी अधिक संख्या को देखते हुए प्रशासन द्वारा निर्धारित किया गया ड्यूटी मजिस्ट्रेट उन्हें मौखिक रूप से गिरफ्तार कर उन्हें रिलीव कर देता है। शुक्रवार को भी सीआईयूटी द्वारा प्रशासन के पास 367 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए सूचना भिजवाई। कार्यकर्ताओं की अधिक संख्या को देखते हुए प्रशासन द्वारा बनाए गए ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीडीपीओ दीपक कुमार ने मौखिक से गिरफ्तार कर उन्हें रिलीव कर दिया।
विज्ञापन


मांगों पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा धरना प्रदर्शन
इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार आशा कार्यकर्ताओं की मांगों के नोटिफिकेशन पर लगाई गई शर्तें हटाकर उसे लागू नहीं करती तब तक उनका धरना लगातार जारी रहेगा। आगामी 22 जून को वे सीएम सिटी करनाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। वहां से वे तब तक नहीं उठेगी तब तक उनकी मांगे पूरी हो जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें