बिना नक्शा पास कराए बन रहीं दुकानों समेत अन्य भवनों पर वीरवार को नगर परिषद ने बड़ी कार्रवाई की। नप की टीम ने रेवाड़ी रोड स्थित एक सीएनजी पंप, महाबीर चौक व श्याम कॉलोनी, नालापुर समेत अन्य स्थानों पर कुल 15 निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया। हालांकि दोपहर बाद सीएनजी पंप मालिक द्वारा करीब 7.92 लाख रुपये का विकास शुल्क नप में जमा करवाने के बाद शाम को पंप खोल दिया गया। यह नप की पहली बार सबसे बड़ी सीलिंग कार्रवाई मानी जा रही है।
बता दें कि नप ने बुधवार की शाम एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। वीरवार को समाचार पत्रों में इससे संबंधित विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट नारनौल के तहसीलदार विकास कुमार, कार्यकारी अभियंता अंकित वशिष्ठ, ईओ केके यादव व जेई विकास शर्मा सहित नप के करीब 20 से अधिक कर्मचारी शामिल थे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था। टीम सुबह 11 बजे रेवाड़ी रोड पहुंची। जहां हाल में खुले पंप व कार्यालय को सील कर दिया। पंप मालिन ने एनओसी और दस्तावेज दिखाए, लेकिन नगर परिषद की तरफ से भेजे गए विकास शुल्क के नोटिस पर शुल्क जमा नहीं हो पाने पर पंप को सील किया गया। इसके बाद टीम महावीर चौक के पास एक साइबर कैफे के ऊपर बिना नक्शा पास कराए निर्माण कार्य को सील कर दिया। इसके बाद टीम श्याम कॉलोनी पहुंची। यहां पर टीम ने करीब आठ निर्माणाधान भवनों को सील करके मालिकों को बिना नक्शा पास करवाये भविष्य में निर्माण कार्य ना करने की सख्त हिदायत दी। श्याम कॉलोनी के बाद टीम स्टेडियम के सामने उस साइट पर पहुंची। जिसके बारे में मोहल्ला सलामपुरा व पीरआगा के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा की शिकायत की हुई थी। मुकेश कुमार ने कोर्ट कार्रवाई के कुछ कागजात टीम को दिखाये। इस पर नप के अधिकारियों ने कहा कि अध्ययन करने के बाद ही इस पर कार्रवाई होगी। इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए यदि अदालत प्रक्रिया को भी पूरा करेंगे, लेकिन नगर परिषद की जमीन पर किसी भी सूरत में कब्जा नहीं होने देंगे। इसके अलाना नालापुर में एक कामर्शियल भवन को सील कर दिया गया। हालांकि दूसरी ओर पंप मालिक ने 7 लाख 92 हजार रुपये की फीस जमा करवा दी। जिस पर शाम को पंप की सील खोल दी गई। पंप संचालक ने इसे लेकर सीएम व डीसी को भी एक शिकायत दी है। नप की ओर से एक के बाद एक कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया। लोगों का कहना है कि शहर में जमीन का सही रिकॉर्ड नहीं है। कई जगहों पर जमीन वक्फ बोर्ड की भी है।
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चेयरपर्सन समेत पार्षद पहुंचे डीसी के पास
नप की कार्रवाई को देखते हुए चेयरपर्सन भारती सैनी समेत करीब 21 पार्षद व अन्य डीसी के पास पहुंचे। चेयरपर्सन ने पूरे मामले को डीसी के सामने रखा। चेयरपर्सन ने कहा कि वीरवार की सुबह ईओ के सामने कुछ पार्षदों ने नप की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की बात कहीं थी। इस पर ईओ ने कहा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट मिलने पर कार्रवाई की बात की। इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई शुरू करने चले गए। चेयरपर्सन ने कहा कि पार्षदों के सामने ईओ का व्यवहार ठीक नहीं था। चेयरपर्सन भारती सैनी ने कहा कि एक नक्शा पास किए भवन को नप से सील कर दिया। पंप संचालक पहले पैसे जमा कराने गया था। अचानक पंप संचालक पर कार्रवाई की गई। सैनी ने डीसी से मांग की हैं कि पास हुए नक्शे व प्रॉपर्टी आईडी की जांच कराई जाए। जिससे पूरे मामला साफ हो सके। डीसी ने पूरी बात सुनी और कहा कि नप की जमीन पर कब्जे को हटवाया जाएगा। प्रॉपर्टी आईडी व पेंडिंग नक्शों की जांच कराई जाएगी।
वर्जन
यह कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं है। बिना नक्शा पास कराए भवन बनाने वालों को सचेत करने का प्रयास है। लोग फीस जमा कराने के बाद नक्शा पास कराएं। करीब 15 दुकानों को सील किया गया है। सकारात्मक बात यह हैं कि पंप संचालक ने पैसे जमा करा दिया। ये काम शहर के लिए हो रहा है।
केके यादव, ईओ नप नारनौल