अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। 28 मार्च से मंडियों में सरसों की खरीद शुरू होनी है। महेंद्रगढ़ की अनाज मंडी में अभी कोई तैयारी नहीं है। मंडी में लगे कूड़े के ढेर, कीचड़ से भरी नालियां, अतिक्रमण, गंदे शौचालय सहित अन्य समस्याएं तैयारियों की पोल खोल रही हैं। किसानों के बैठने के लिए शेड की व्यवस्था भी नहीं है। मजबूर किसानों को आढ़तियों की दुकानों में ही आश्रय लेना होगा।
महेंद्रगढ़ की अनाज मंडी करीब 110 साल से भी अधिक पुरानी है। इस मंडी 40 लाइसेंसधारी आढ़ती हैं। क्षेत्र के लगभग 80 गांवों के किसान अपनी फसल महेंद्रगढ़ मंडी में बेचने केे लिए आते हैं। इस क्षेत्र में बाजरा और सरसों की फसल सबसे अधिक होती है। मंडी में किसानों के लिए सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। मंडी में शौचालय, पेयजल, लाइट, साफ सफाई पूरी तरह से बदहाल हैं। किसानों के लिए टीन शेड की सुविधा तक नहीं है। प्रदेश भर की मंडियों में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होनी है। प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नहीं है। फसल बेचने के लिए आने वाले किसानों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा। अनाज मंडी में लगभग पांच से छह फड़ बनाई हुई हैं। यह फड़ किसानों की फसलों को रखने के लिए बनाई गई हैं। इस समय फड़ों पर मंडी के व्यापारियों ने अतिक्रमण किया हुआ है। व्यापारियों ने अपना खल, बिनौले, नमक आदि की बोरियां फड़ पर रखी हुई हैं। दुकान के बाहर 20-20 फीट तक अतिक्रमण किया हुआ है। प्रशासन की ओर से अभी तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
शौचालय की दुर्दशा
अनाज मंडी के शौचालय दुर्दशा के शिकार हैं। शौचालयों दीवारें भी जर्जर हैं । पाइप लाइन और बिजली फीटिंग पूरी तक से टूटी हुई है। जुगाड़ बनाकर ही काम चलाया जा रहा है। मंडी के शौचालय बेहद गंदी अवस्था में रहते हैं। मंडी में लगी हाई मास्क लाइटें भी खराब पड़ी हैं।
आढ़तियों के जरिये होगी खरीद
सरसों खरीद को लेकर सरकार की ओर से सोमवार को फैसला लिया गया है। जिसमें तय किया गया कि सरसों की खरीद आढ़तियों के जरिये ही होगी। जिसमें आढ़तियों को कमीशन दिया जाएगा। बाजरा खरीद की तरह से बारदाना सरकार की ओर से खरीद करने वाली एजेंसी उपलब्ध कराएंगी।
वर्जन
पिछले दो दिन से मैं मीटिंग में चल रही हूं। बुधवार को मंडी की साफ-सफाई करवा दी जाएगी। किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
- नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, महेंद्रगढ़।