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यूनियन नेताओं ने बस चालकों को धमकाया,लोकल रूट पर भी बस सेवा हुई प्रभावित

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से तीसरे दिन भी जिले में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। नारनौल डिपो से वीरवार को 34 बसों को लोकल रूट पर बिना परिचालक के भेजा गया। रोडवेज यूनियन के नेताओं ने नांगल चौधरी रोड पर बस चालकों के साथ हाथापाई की। जिस पर एहतियात के तौर पर लोकल रूटों पर भी बस सेवा प्रभावित हुई। दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी में बैठक कर रहे सर्व कर्मचारी संघ के 34 पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
नारनौल डिपो में बुधवार सुबह जीएम समेत अन्य अधिकारी पहुंचे और बसों को संचालन कराने का प्रयास किया। लेकिन परिचालकों के ड्यूटी पर नहीं आने पर चालकों को नारनौल से महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, अटेली और रेवाड़ी तक भेजा गया। सुबह करीब 10 बजे तक रोडवेज ने बिना परिचालक के 34 बसों को लोकल रूटों पर भेजा। रोडवेज के जीएम राजीव नागपाल ने बताया कि नांगल चौधरी रोड पर कुछ यूनियन के नेताओं ने चालकों के साथ हाथापाई की। ऐसे में चालकों ने आसपास बस को रोक दिया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से लोकल रूट पर भी बस सेवा प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि प्रोवेेशन पर चल रहे करीब 55 चालक कार्य पर है। जीएम ने बताया कि चालकों के साथ मारपीट की घटना के बारे में एसपी को सूचना दी गई है। उन्होंने सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। बताया जा रहा है कि नेताओं ने बस चालकों के मुंह पर कालिख लगाने का भी प्रयास किया। दूसरी ओर बस स्टैंड पर रोडवेज की बसें न चलने से यात्रियों को परेशानी हुई। लोगों को घंटों बस के इंतजार में बैठना पड़ा और निजी बसों से मंजिल तक पहुंचे।
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22 लाख का हुआ नुकसान
रोडवेज के चक्का जाम से अभी तक करीब 22 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। जीएम ने बताया कि पहले दिन हड़ताल के बावजूद नौ लाख रुपये की आमदनी हुई थी। बुधवार व वीरवार को रोडवेज को करीब 22 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

नहीं हुई नई भर्ती
दूसरी ओर सरकार ने नए चालकों और परिचालकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इसे लेकर काफी संख्या युवक बस स्टैंड पर पहुंच गए लेकिन रोडवेज को विभागीय आदेश ना मिलने के कारण आवेदन नहीं लिया गया। अभ्यर्थी नरेश कुमार, दशरथ, प्रदीप, गुरुप्रीत, राजेंद्र, सोनू, रणवीर, पवन, रामविलास, मोनू समेत अन्य ने बताया कि सुबह छह बजे से बस स्टैंड पर आ गए लेकिन फार्म जमा नहीं हुए। उनका कहना है कि सरकार ने इसके लिए विज्ञापन जारी कर दिया लेकिन विभाग ने आवेदन नहीं लिया। उससे पूरा दिन खराब हो गया और मायूसी हाथ लगी।

34 पदाधिकारियों को हिरासत में लिया
सर्व कर्मचारी संघ के 34 पदाधिकारियों को पुलिस ने सुबह हिरासत में लिया। सभी चितवन वाटिका के पास बैठक कर मिटिंग कर रहे थे। सिटी थाना पुलिस ने कानून व्यवस्था को देखते हुए सभी कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। सभी पर आईपीसी की धारा 107/151 के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें महेश यादव,आशीष यादव, सुनील यादव, सत्यनारायण, अमित कुमार, रमेश कुमार, धर्मपाल, पूर्ण सिंह समेत अन्य लोग शामिल है।

हड़ताल में शामिल कर्मचारी
मैनेजमेंट स्टाफ में 63 में 31 उपस्थित जबकि 32 हड़ताल पर रहे, वर्कशॉप में 44 में 41 उपस्थित जबकि दो हड़ताल, परिचालक में 218 में उपस्थित 10 जबकि 198 हड़ताल पर व निलंबित छह, चालक स्टाफ 238 में से 105 उपस्थित जबकि 126 हड़ताल पर रहे।
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पांच निजी बसें रोडवेज को मिली
सरकार ने हड़ताल को देखते हुए निजी संस्थानों व स्कूलों से रोडवेज के लिए सेवाएं देने की घोषणा की है। इसके तहत नारनौल डिपो को निजी संस्थानों ने चालक-परिचालक समेत पांच बसें उपलब्ध कराई हैं। जीएम ने बताया कि पांचों बसों को शुक्रवार को चलाया जाएगा।
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