अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़/कनीना/सतनाली। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को भी जारी रही। हड़ताल के कारण विद्यार्थियों और नौकरी पेशा वालों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी परेशान हो रहे हैं। इस समय क्षेत्र से विभिन्न 35 रूटों पर निजी बसें चल रही हैं। ये बसें केवल महेंद्रगढ़ से नारनौल, महेंद्रगढ़ से चरखी दादरी तक चल रही हैं। हड़ताल के कारण महेंद्रगढ़ से लगभग छह लाख रुपये रेवेन्यू का घाटा हो रहा है।
कनीना में रोडवेज कर्मचारियों की ओर से शुरू की हड़ताल के तीसरे दिन भी बसेें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेवाड़ी डिपो का एक चालक बिना परिचालक के कनीना-रेवाड़ी के लिए चला। इसके अलावा यात्रियों ने आवागमन के लिए निजी एवं समिति वाली बसों का सहारा लिया। बसें नहीं चलने के कारण रोडवेज को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। निजी बस चालकों की ओर से सवारियां बैठाकर विभिन्न स्टेशनों पर पहुंचाया गया। चरखी दादरी, नारनौल, रेवाड़ी व झज्जर डिपो की बसें कनीना-महेंद्रगढ़ सहित विभिन्न रूटों पर नहीं चल पाई। थानाध्यक्ष अशोक सैनी व कनीना के डीएसपी विनोद कुमार ने भी निरीक्षण किया।
सतनाली में हड़ताल से रेल गाड़ियां बनी सहारा
सतनाली। हड़ताल के कारण बस अड्डे से न तो कोई बस रवाना नहीं हुई और न ही आई। यात्री रेलगाड़ियों व अन्य वैकल्पिक वाहनों के गंतव्य तक पहुंचे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार सतनाली जगदीशचंद्र तथा थाना प्रभारी राजेंद्र कौशल पुलिस बल के साथ बस स्टैंड पर जायजा लेते रहे। बस अड्डा इंचार्ज सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वीरवार को सभी 66 बसों का संचालन बंद रहा। महेंद्रगढ़-नारनौल की ओर जाने वाली 22, दादरी की ओर जाने वाली 21 बसों के अलावा बाढड़ा, तोशाम, भिवानी, हिसार की ओर जाने वाली 15 और लोहारू की ओर जाने वाली 8 बसें बंद रही। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल को समर्थन देते हुए बिजली निगम के कर्मचारी यूनियन ने कस्बे के 132 केवीए पावर हाउस पर गेट मीटिंग कर दो घंटे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।