नारनौल। व्यावसायिक कार्य में घरेलू सिलिंडर के प्रयोग पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमों ने जिले में मुख्य बाजारों, हलवाई की दुकानों, ढाबों और रेहड़ी पर कार्रवाई करते हुए 14 घरेलू गैस सिलिंडर बरामद कर लिए। सहायक खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अरुण सैनी ने बताया कि यह कार्रवाई जारी रहेगी।
गैस एजेंसियों पर सोमवार को अवकाश के बाद मंगलवार को जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। सिलिंडर प्राप्त करने के लिए लोग सुबह 8 बजे से ही एजेंसियों के बाहर एकत्र होना शुरू हो गए थे। भीड़ ज्यादा होने के कारण 2 से 3 घंटे लाइन में लगने के बाद लोगों को सिलिंडर मिल पा रहे थे।
सबसे ज्यादा भीड़ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की रही क्योंकि गैस एजेंसियों की ओर से शहरी क्षेत्र में तो होम डिलिवरी दी जा रही है लेकिन गांवों में होम डिलिवरी की सुविधा फिलहाल बंद है।
ग्रामीणों ने बताया कि बुकिंग तो हो रही है लेकिन पर्ची कटवाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि अगर बुकिंग के समय ही मैसेज से यह बता दिया जाए कि सिलिंडर कब मिलेगा तो लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
सिलिंडर आपूर्ति से 4 गुणा हो रही बुकिंग
गैस एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रोजाना 1200 से 1300 बुकिंग हो रही है जबकि गैस एजेंसियों पर प्रतिदिन 350 से 370 सिलिंडर की आपूर्ति ही हो रही है। क्षेत्र की प्रमुख गैस एजेंसियों में भी 2000 से 2200 बुकिंग लंबित चल रही है। जिस कारण गैस के लिए बुकिंग करवाने के बाद भी लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है।
आवश्यकता अनुसार ही बुकिंग कराएं आमजन : उपायुक्त
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि जिले में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम तीनों ही कंपनियों के वितरकों के माध्यम से आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। सोमवार को विभिन्न प्लांटों से जिले की एजेंसियों को 1962 नए सिलिंडर प्राप्त हुए जिससे कुल उपलब्ध स्टॉक बढ़कर 6140 हो गया था। उपायुक्त ने बताया कि सोमवार को जिले भर में 4637 ऑनलाइन बुकिंग प्राप्त हुई थीं जिनका वितरण कार्य तत्परता से किया गया।
सिलिंडर की बुकिंग करवाई थी लेकिन फिर भी तीन घंटे तक लाइन में लगकर पर्ची मिली है। अगर लाइन में लगकर ही पर्ची मिलनी है तो बुकिंग का कोई औचित्य नहीं है। गैस एजेंसियों को बुकिंग के बाद ही संदेश के माध्यम से जानकारी देनी चाहिए कि उपभोक्ता को गैस कब मिलेगी।
-देवेंद्र, गांव कोरियावास
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गैस की किल्लत के कारण गैस सिलिंडर प्राप्त करना मुश्किल हो गया है। गैस एजेंसियों द्वारा की जा रही व्यवस्था नाकाफी है। पर्ची गैस एजेंसी पर दे रहे हैं और फिर सिलिंडर के लिए गोदाम जाना पड़ रहा है। पहले पर्ची के लिए और फिर सिलिंडर प्राप्त करने के लिए दो बार लाइन में लगना पड़ता है।
-दिनेश, गांव जैलाफ
शहरी क्षेत्रों में तो होम डिलिवरी अभी भी जारी है लेकिन गांवों में होम डिलिवरी बंद कर दी गई है। इस कारण सरसों की कटाई का कार्य छोड़कर गैस प्राप्त करने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
-अनिल कुमार, गांव शोभापुर