अमर उजाला ब्यूरो
बुचौली। सरकार के पास बजट के अभाव में बवाना माइनर को बजट नहीं मिल रहा। बजट नहीं मिल पाने के कारण 2.54 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट अटका हुआ है। बवाना की सरपंच संतोष ने सरकार से इस प्रोजेक्ट के लिए बजट जारी करने की मांग की है।
माइनर धनौंदा से बवाना तक लगभग 9 किलोमीटर लंबी बनाई जानी है। इससे धनौंदा, खरकड़ा, बास, अगिहार, बवाना, बसई, मालड़ा के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। उक्त गांवों के ग्रामीण कई बार प्रशासन के माध्यम से सरकार से गुुहार लगा चुके हैं। करीब छह महीने पहले सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूर किया था। अभी तक बजट राशि मंजूरी नहीं हो पाई है। माइनर नहीं बन पाने के कारण ग्रामीणों को सिंचाई, पेयजल तथा पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर यह माइनर बनती है तो इससे सिंचाई व्यवस्था और पेयजल व्यवस्था सुधरेगी। इसके अलावा गांवों के जोहड़ों में भी पशुओं के लिए पानी भरा जाएगा।
इस माइनर के बनने से करीब 2500 एकड़ एरिया में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा दस गांवों के जोहड़ों में पानी भरा जा सकेगा। गांव के जलघरों को पानी उपलब्ध कराने में भी यह माइनर काम आएगी।
वर्जन
बवाना डिस्ट्रीब्यूटरी को सरकार की ओर से मंजूर मिल चुकी है। यह 2.54 करोड़ रुपये से बनाई जानी है। अभी सरकार की ओर से बजट नहीं मिल पाया है। जिस कारण प्रोजेक्ट रुका हुआ है।
- पवन भारद्वाज, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।