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ड्यूटी पर परिचालकों के न आने से नहीं चली रोडवेज की बसें, यात्रियों को हुई परेशानी

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से दूसरे दिन भी जिले में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। नारनौल डिपो पर सुबह चालक तो पहुंचे लेकिन परिचालक नहीं आए। जिससे बस सेवा को शुरू करने में रोडवेज प्रबंधन को परेशानी हुई। रोडवेज ने 62 बसों को लोकल रूट पर बिना परिचालक के भेजा। इन बसों में यात्रा करने वालों से किराया नहीं लिया गया। दूसरी ओर अब दो दिन तक रोडवेज यूनियन ने हड़ताल और बढ़ा दी है। ऐसे में त्योहारी सीजन में लोगों की और परेशानी बढ़ गई है।
नारनौल डिपो में मंगलवार को लोकल रूटों पर बसों का संचालन हुआ था लेकिन लंबे रूटों पर नहीं हो पाया था। इससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिली थी। रोडवेज प्रबंधन को उम्मीद थी कि बुधवार को भी इसी प्रकार बसें चलती रहेंगी लेकिन रोडवेज कर्मियों द्वारा बस स्टैंड के गेट पर हंगामा करने पर पुलिस ने 15 कर्मियों पर केस दर्ज कर लिया था। रात में सभी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था। जहां से उन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद कर्मचारी नेताओं ने रोडवेज प्रबंधन के प्रति रोष पैदा हो गया और बुधवार को बसों का संचालन रोकने की योजना बनाई, जिसके चलते बुधवार को नए भर्ती चालक तो ड्यूटी पर आए लेकिन परिचालक नहीं आए। ऐसे में रोडवेज विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस बसों का संचालन नहीं करवा पाए।
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जीएम राजीव नागपाल ने बताया कि बुधवार को परिचालकों के न आने से बसों के संचालन पर प्रभाव पड़ा। बुधवार सुबह अटेली तक बिना परिचालक के बसों को भेजा गया। उन्होंने बताया कि हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली है। कुल 62 बसों का संचालन हुआ है। वीरवार को भी बिना परिचालक के बसें चलाई जाएगी। बता दें कि नारनौल डिपो में 141 बसें विभिन्न रूटों पर चलती है। रोडवेज में करीब 600 कर्मचारी है।

दो दिन और हड़ताल बढ़ी
नारनौल डिपो के प्रधान शक्ति सिंह ने बताया कि दो दिन तक और हड़ताल बढ़ा दी है। सरकार उनकी जायज मांगों को नहीं मान रही। इसलिए रोडवेज कर्मचारियों को हड़ताल जारी रखनी पड़ रही है। मंगलवार को कर्मचारी शांति पूर्वक बैठक कर रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं, कर्मचारी नेता विजय ने कहा कि लोगों की परेशानी की जिम्मेदारी सरकार की है।
रोडवेज का चक्का जाम, 16 लाख का नुकसान
महेंद्रगढ़ में हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों का चक्का जाम बुधवार को पूरी तरह से सफल रहा। बस स्टैंड प्रभारी रामसिंह ने बताया कि महेंद्रगढ़ से कुल 18 बसेें नारनौल, रेवाड़ी, दादरी के लिए जाती थी। बुधवार को सभी बसें बस स्टैंड पर खड़ी रही। परिचालक और चालक गैरहाजिर रहे। जिस कारण बसों का संचालन नहीं हो सका। रोडवेज को एक दिन का दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। महेंद्रगढ़ में 30 प्राईवेट बसें नारनौल, रेवाड़ी और दादरी के लिए चलती हैं। मजबूर यात्रियों को बस की छतों पर सवार होकर यात्रा करनी पड़ी। दूसरी ओर नारनौल डिपो को एक दिन में करीब 14 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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निजी वाहनों का लिया सहारा
रोडवेज के हड़ताल के दूसरे दिन यात्री निजी वाहनों का सहारा लेते रहे। निजी बस चालकों की ओर से सवारियां बैठाकर विभिन्न स्टेशनों पर पहुंचाया गया। नारनौल से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ समेत अन्य रूट शामिल है। कनीना से चरखी दादरी के बीच एक बस ने चक्कर लगाए बाकि सभी बसों का चक्का जाम रहा। कनीना-महेंद्रगढ़-रेवाड़ी, नारनौल रूट पर बसें चली। थाना प्रभारी अशोक सैनी और कनीना के डीएसपी विनोद कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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