अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल/महेंद्रगढ़। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का असर जिले के लोकल रूटों पर दिखाई नहीं दिया। हालांकि हड़ताल के कारण लंबे रूटों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नारनौल डिपो से सुबह बसों को महेंद्रगढ़, कनीना, रेवाड़ी और राजस्थान भेजा गया। दोपहर एक बजे रोडवेज यूनियन नेताओं की वजह से बस सेवा करीब दो घंटे के लिए प्रभावित हुई। मौके पर जीएम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस ने पहुंचकर मामले को संभाला। पुलिस ने बसों को रुकवाने वाले 15 नेताओं/चालकों पर केस दर्ज कर 14 कर्मियों को हिरासत में ले लिया है।
बता दें कि रोडवेज कर्मी 720 निजी बसों को किलोमीटर की स्कीम के तहत प्रदेश में शुरू करने का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध में कर्मियों ने मंगलवार से दो दिन तक हड़ताल पर रहने की चेतावनी दी थी। पहले दिन महेंद्रगढ़ जिले में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का लोकल रूट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। सुबह रोडवेज वर्कशॉप पर जीएम राजीव नागपाल, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और एसपी विनोद कुमार ने बसों का संचालन शुरू कराया लेकिन रोहतक, झज्जर, हिसार, भिवानी और रेवाड़ी में यूनियन नेताओं के विरोध को देखते हुए उक्त जिलों में बसों को नहीं भेजा गया।
नारनौल डिपो से महेंद्रगढ़, कनीना, नांगल चौधरी, रेवाड़ी में राव तुलाराम चौक तक बसों का संचालन किया। हालांकि दिल्ली के लिए बसों को बहरोड से होते हुए भेजा गया। जीएम राजीव नागपाल ने बताया कि लोकल और राजस्थान की विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन किया गया। दादरी, हिसार, रोहतक व अन्य कुछ जिलों में एहतियात के तौर पर बसों को नहीं भेजा गया। उन्होंने बताया कि सुबह के वक्त बसों के संचालन में किसी परेशानी नहीं आई लेकिन दोपहर में कुछ नेताओं ने कार्य में व्यवधान डालने का प्रयास की। इससे कुछ देर के लिए बसों के संचालन पर प्रभाव पड़ा। जीएम ने बताया कि अधिकांश बसों का संचालन किया गया। ऐसे में राजस्व का अधिक नुकसान नहीं हुआ होगा। हालांकि डिपो को एक दिन में करीब 14 लाख रुपये की आय होती है।
बिना परिचालक दौड़ी पांच बसें
रोडवेज विभाग के अधिकारियों ने अटेली समेत अन्य छोटे रूटों पर बिना कंडक्टर के बसों का संचालन किया। इस दौरान यात्रियों से पैसे नहीं लिए गए। जीएम ने कहा कि लोगों की सुविधा को देखते हुए पांच बसों को अटेली तक बिना कंडक्टर के चलाया है।
14 रोडवेज कर्मी गिरफ्तार
दोपहर में रोडवेज यूनियन के कुछ नेता अचानक बस स्टैंड पहुंचे और बस संचालन में व्यवधान पहुंचाने का प्रयास किया। नेताओं ने गेट को बंद कर नारेबाजी की। इससे बस सेेवा में दोपहर एक बजे रुकावट आ गई। कई चालकों ने बस को स्टैंड में खड़ा कर दिया। अचानक हुए विरोध से बस सेवा प्रभावित हो गई। हालांकि पुलिस सभी को हिरासत में लेकर सिटी थाना चली गई। बस सेवा प्रभावित होने की सूचना मिलते ही मौके जीएम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। सभी ने दोबारा से बस को शुरू कराने का प्रयास किया। जिससे दो बजे के बाद बस सेवा का संचालन हो सका। जांच अधिकारी एसआई रामभरत ने बताया कि यूनियन नेता समेत 15 अन्य पर एस्मा समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर किया है। उन्होंने बताया कि जिसमें से 14 को अरेस्ट कर लिया है। इसमेें बाबूलाल, शक्ति सिंह, विजेंद्र, चालक सूबे सिंह, सुरेंद्र समेत 15 लोग शामिल है। दूसरी ओर बाबूलाल ने बताया कि सभी लोग यादव धर्मशाला में बैठे हुए थे। जहां से पुलिस ने जबरन उठाकर ले आई। यह सरकार की तानशाही है।
महेंद्रगढ़ में रहा बेअसर
हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम का महेंद्रगढ़ में रहा बेअसर। बस स्टैंड से नारनौल डिपो की सभी बसें चली। परंतु दूसरे डिपो चरखी दादरी, रेवाड़ी, भिवानी, हिसार, रोहतक आदि डिपो की बसें नहीं चली। हड़ताल की सूचना पहले मिलने के चलते यात्रियों की संख्या भी कम दिखाई दी। हड़ताल को लेकर बस स्टैंड पर पुलिस कर्मचारी भी तैनात रहे। बस अड्डा इंचार्ज प्रमोद ने बताया कि नारनौल डिपो की 40 बसों का संचालन हुआ है। लंबे रूट की बसें कोटा, जयपुर, दिल्ली, अजमेर के लिए भी गई हैं। 35 निजी बसों का भी संचालन जारी रहा।
सतनाली में हड़ताल का रहा मिला-जुला असर
सतनाली मंडी दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन अधिकतर रोडवेज बसों का संचालन बंद रहा। सुबह के समय कुछ रूटों पर बसों के संचालन से दिनभर यात्रियों में असमंजस की स्थिति बनी रही और यात्री वैकल्पिक वाहनों के सहारे रवाना हुए। सतनाली बस स्टैंड पर नाइट स्टे करने वाली दादरी, नारनौल, गुरुग्राम डिपो की 11 बसों में से 10 बसें रवाना हुई। बस अड्डा इंचार्ज सुरेंद्र सिंह ने बताया कि चक्का जाम के कारण महेंद्रगढ़-नारनौल की ओर जाने वाली 15, दादरी की 19 तथा बाढड़ा, तोशाम, भिवानी की ओर जाने वाली 14 व लोहारू की ओर जाने वाली 8 बसों का संचालन बंद रहा।