अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। कस्बा स्थित एचपी गैस एजेंसी के पास सड़क मार्ग पर सीवर लाइन का क्रासिंग प्वाइंट वीरवार सुबह अचानक धंस गया। जिस कारण नेशनल हाइवे नंबर 148 बी पर चार घंटे यातायात जाम रहा। इस दौरान लंबे रूट के यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने गड्ढे में मिट्टी भरवाकर जाम खुलवाया।
बारिश होते ही सुबह पांच बजे सीवर लाइन की क्रासिंग आठ लंबी तथा तीन फीट गहरी धंस गई। जिस कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। सूचना पाकर सुबह आठ बजे नांगल चौधरी पुलिस घटना स्थल पहुंची। उन्होंने जेसीबी की मद्द से गड्ढे को मिट्टी से भराया। दो घंटे कड़ी मशक्कत के बाद 10 बजे यातायात व्यवस्था सुचारु हुई।
नांगल चौधरी नपा में 45 करोड़ की लागत से सीवर व पेयजल लाइन का कार्य करवाया जा रहा है। जनवरी 2016 में सीवर लाइन के पाइप दबाने के टेंडर छोड़े थे। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग की देखरेख में ठेकेदार द्वारा विभिन्न वार्डों में पाइप दबाने का कार्य किया गया। सड़क के दोनों ओर नपा क्षेत्र होने के कारण सीवर को क्रासिंग कराना जरूरी हो गया, क्योंकि कंप्लीट नपा के गंदे पानी को कृष्णावती नदी की तरफ स्टोरेज किया जाएगा। इसलिए नारनौल-कोटपुतली रोड पर मोहनपुर, गैस एजेंसी, बिजली निगम रोड के टी-प्वाइंट, रामभवन धर्मशाला के पास तथा गोठड़ी मोड़ पर सड़क के अंडर ग्राउंड क्रासिंग पाइप दबाई गई है।
नेशनल हाईवे बनने के बाद नहीं हुआ काम पूरा
पाइप दबाने से पहले विभाग से सड़क तोड़ने की अनुमति ली गई, जिसकी रिपेयर की राशि जमा करवा दी गई। नियमानुसार क्षतिग्रस्त सड़क की रिपेयर पीडब्ल्यूडी विभाग को करनी चाहिए, लेकिन उसी दौरान राजमार्ग को हाईवे घोषित कर दिया गया। इस कारण सड़क की रिपेयर व अन्य पेचवर्क का जिम्मा हाईवे अथॉरिटी का हो गया। इसका कार्यालय नारनौल या महेंद्रगढ़ में नहीं होने से सड़क मार्ग की रिपेयर प्रक्रिया अटकी हुई है।
शिकायत मिली, जल्द होगी रिपेयर
हाईवे अथॉरिटी के एसडीओ धर्म प्रकाश ने बताया कि नांगल चौधरी में सड़क मार्ग धंसने की शिकायत मिल चुकी है। बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण रिपेयर में असुविधा हो रही है। इधर-उधर से मैटेरियल का प्रबंध करके शुक्रवार सुबह एक डंपर नांगल चौधरी भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदोला तक हाईवे रिपेयर व निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएवी को गई है। इसके आग्रह पर सड़क की रिपेयर हमें ही करानी पड़ती है।
मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी
सुबह 10 बजे तक 5-6 एक्सप्रेस बसें जयपुर जाती हैं। इनमें अधिकतर मरीज होते हैं, ये मरीज इलाज कराने के बाद शाम को लौट आते हैं। लेकिन क्रासिंग धसने से लगे जाम में फंसने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कर्मचारियों को दफ्तर पहुंचने में मशक्कत का सामना करना पड़ा।