प्रशासन के हाथ में संचालन, फिर भी मर रही गाय
-गोपाल गोशाला में रोज मर रही चार से पांच गाय
-पता चलते ही एसडीएम पहुंचे गोशाला, ली एडहॉक कमेटी की बैठक
फोटो नंबर 18 से 22
सुदेश कुमार
नारनौल। प्रशासन की ओर से नियुक्त एडहॉक कमेटी से संचालित शहर की श्री गोपाल गोशाला में एक बार फिर से गायों के लगातार मरने का मामला सामने आया है। गोभक्तों ने इसकी जानकारी मीडिया को दी। मामला मीडिया में आने के बाद एसडीएम जगदीश शर्मा ने वीरवार दोपहर को गोशाला का दौरा किया। इस दौरान एसडीएम ने गोशाला कमेटी सदस्यों से गायों की स्थिति की जानकारी ली। वहीं कमेटी सदस्यों को गायों की सही प्रकार से देखभाल करने के निर्देश भी दिए।
गोपाल गोशाला में एक बार फिर से गायों के मरने का मामला सामने आया है। गोभक्तों की मानें तो यहां प्रतिदिन 5-7 गायों की मौत हो रही है। उनका कहना है कि लोगों को पता न लगे इसलिए गोशाला प्रबंधन अंधेरे में ही इन मृत गायों को गोशाला के वाहनों से नूनी सेखपुरा की सीमा में स्थित गोशाला की जमीन पर दबा रहा है।
इस संबंध में एडहॉक कमेटी के सदस्यों का कहना है कि मृत गायें वो हैं जो प्रशासन की ओर से गोशाला में छुड़वाई गई थी। ये लावारिस गायें पॉलिथीन खाती थीं, जिनकी मौत इसी वजह से ही हुई है। उन्होंने चौकीदार के आरोप बेबुनियाद बताए।
उधर, गोशाला में गायों की मौत की खबर मीडिया से सुनने के बाद वीरवार दोपहर को एसडीएम जगदीश शर्मा ने गोशाला का दौरा किया। बाद में उन्होंने एडहॉक कमेटी की बैठक ली। उन्होंने कमेटी के सदस्यों को पर्याप्त मात्रा में चारा रखने, लाइट की पूरी व्यवस्था करने, पूरे सिस्टम को चुस्त दुरुस्त करने व कमजोर गायों की सही देखभाल करने के आदेश दिए।
बता दें कि जनवरी 2016 में कड़ाके की ठंड के दौरान भी गोपाल गोशाला में इसी तरह प्रतिदिन 8-10 गायों की मौत हो रही थी। उस दौरान शहर के खास और गोभक्तों ने गोशाला प्रबंधक कमेटी के तत्कालीन प्रधान व पदाधिकारियों पर गायों की देखभाल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। इसके बाद यह मामला काफी दिनों तक चलता रहा। वहीं शहर के गणमान्य लोग तत्कालीन प्रबंधक कमेटी सदस्यों के खिलाफ प्रशासन को ज्ञापन भी दिया था। मामला कई दिनों तक लगातार समाचार पत्रों की सुर्खियां बनने लगा। इसके बाद गोसेवा आयोग के अध्यक्ष व अन्य गोभक्तों ने गोपाल गोशाला का निरीक्षण किया। वहीं प्रबंधन कमेटी सदस्यों की लापरवाही के खिलाफ सरकार व उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजी गई। इसके बाद तत्कालीन उपायुक्त ने गोशाला की वर्तमान प्रबंधक कमेटी को आगामी चुनाव होने तक भंग करके 14 सदस्यीय एडहॉक कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी के कार्य का सुपरवीजन के लिए तहसीलदार नारनौल, उप निदेशक पशु पालन विभाग नारनौल, उप निदेशक कृषि विभाग नारनौल तथा सिविल सर्जन नारनौल को जिम्मा सौंपा गया।
-------
गोशाला में शहर से पकड़कर रखी गईं गायें भी हैं। जो पॉलिथीन आदि खाती थी। इनकी वजह से उनकी पाचन शक्ति खराब हो गई है। अब गोशाला में केवल चारा दिया जा रहा है। एक दो गाय की मौत हुई है। अब गोशाला में पूरे सिस्टम को ठीक किया जाएगा। इसके बाद गायों की मौत होने से बचाया जा सकता है। मरने वाली गाय की मौत नेचुरल हुई है।
-जगदीश शर्मा, एसडीएम, नारनौल