बीएएमएस चिकित्सक के पास अंग्रेजी दवाओं का जखीरा
दो बार डिकाय पेसेंट को दी गर्भपात की दवा, छापा मारा तो नहीं मिली
-स्वास्थ्य विभाग ने दिया कार्रवाई को अंजाम
फोटो नंबर 17
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। अटेली के एक निजी अस्पताल में गर्भपात की दवा मिलने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वहां पर दो बार डिकाय पेसेंट भेजा। दोनों बार चिकित्सक ने डिकाय पेसेंट को गर्भपात की दवा दी। लेकिन, जब विभाग की टीम ने अस्पताल में छापा मारा तो वहां दवा नहीं मिली। टीम ने वहां से काफी मात्रा में अंग्रेजी दवाइयों का जखीरा बरामद किया है। इसके आधार पर विभाग ड्रग एक्ट के तहत चिकित्सक पर कार्रवाई करने में जुटा है।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिल रही थी कि अटेली में मुख्य बाजार की ओर जाते समय स्थित एक निजी अस्पताल में प्रतिबंधित गर्भपात की दवाइयां दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि के लिए 26 सितंबर को एक आशा वर्कर को डिकाय पेसेंट बनाकर उक्त अस्पताल भेजा। जहां पर डिकाय पेसेंट ने चिकित्सक से गर्भपात की दवाई मांगी तो उसने पेसेंट को 1800 रुपये में उक्त दवाई दे दी। इस पर स्वास्थ्य विभाग को पुष्टि हो गई कि उक्त चिकित्सक के पास गर्भपात की दवाइयां मिलती हैं।
26 सितंबर को चिकित्सक के पास दवाई मिलने की पुष्टि हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को एक टीम का गठन किया गया। इसमें जिला ओषधी निरीक्षक हेमंत ग्रोवर, उप सिविल सर्जन डा. अरुण कालरा व जितेंद्र चहल को शामिल किया गया।
टीम का गठन होने के बाद दोबारा से एक आशा वर्कर को डिकाय पेसेंट बनाया। डिकाय पेसेंट ने अस्पताल में जाकर गर्भपात की दवाई मांगी। इस बार चिकित्सक ने बड़ी चालाकी से कीट में से दवाई निकालकर एक लिफाफे में दवाई डालकर दे दी।
अस्पताल में डिकाय पेसेंट को दवाई मिलने के बाद उसने टीम को इशारा कर दिया। इसके बाद टीम अस्पताल में प्रवेश कर गई। टीम ने वहां चिकित्सक के अस्पताल की जांच की तो वहां टीम को गर्भपात करने वाली एमटीपी कीट बरामद नहीं हुई।
टीम को एमटीपी कीट तो नहीं मिली, मगर टीम ने वहां से भारी मात्रा में अंग्रेजी दवाइयों का जखीरा बरामद किया। चिकित्सक बीएएमएएस होने के कारण केवल लाइफ सेविंग दवाइयां रख सकता है, मगर यहां पर चिकित्सक ने काफी मात्रा में अंग्रेजी दवाइयां रखी हुई थीं।
टीम के सदस्यों ने बताया कि चिकित्सक के पास दवाइयां बेचने के लिए कोई लाइसेंस नहीं है। न ही चिकित्सक के पास कोई लेडी गायिनी चिकित्सक। इस कारण चिकित्सक गर्भपात की दवाई न तो रख सकता है व न ही बेच सकता।
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विभाग को अटेली के एक निजी अस्पताल में गर्भपात की दवाइयां बेचने की सूचना मिल रही थी। सूचना के बाद अस्पताल में छापा मारा गया तो वहां पर गर्भपात की दवाई तो नहीं मिली, मगर वहां पर अंग्रेजी दवाइयों का जखीरा मिला है। इस पर विभाग ड्रग एक्ट के तहत चिकित्सक पर कार्रवाई करेगा।
-डीएन बागड़ी, सिविल सर्जन, नारनौल।