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तेज बारिश होने से शहर में भरा पानी

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। उमस भरी गर्मी से वीरवार को बारिश होने से लोगों ने राहत की सांस ली। दोपहर ढाई बजे बारिश आरंभ हो गई थी। लगभग एक घंटे की बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खरीफ की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। बारिश को लेकर किसानों के चेहरों पर खुशी जरूर नजर आई। बारिश होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। यदि वर्षा और हो जाती है तो कपास की खेती के लिए भी लाभदायक होगी।
बारिश से मौसम हुआ सुहाना
वीरवार को हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश तेज होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर के सभी रास्ते पानी से लबालब हो गए। अनेकों लोगों के वाहन अधिक पानी होने के कारण बंद हो गए। इससे वाहन चालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। महेंद्रगढ़ में 25एमएम बारिश दर्ज की गई है। वीरवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री दर्ज किया गया है।
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जल भराव से बढ़ी परेशानी:
बारिश के कारण शहर के विभिन्न स्थानों पर जलभराव हो गया। रेलवे स्टेशन परिसर में बारिश का पानी जमा होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। गंगा देवी नेत्र चिकित्सालय रोड के हालात बहुत खराब है, वहां पानी टखनों तक भरा हुआ है। इस रास्ते पर दो नेत्र चिकित्सालय, एक किड्स स्कूल और एक मैरिज पैलेस हैं। वहां से गुजरने वाले नेत्र रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा विश्वकर्मा चौक, रतन कॉम्पलैक्स, मोहल्ला महायचान सहित अनेकों स्थानों पर जल भराव हो रखा है।
बारिश से किसानो के चेहरे खिले
वीरवार को हुई तेज वर्षा के कारण किसानों के चेहरे खिल गए। कपास की फसल के लिए तो यह सोना बरसा है। कपास को जितना वर्षा का पानी मिलेगा, उतनी ही कपास की खेती अच्छी होगी। किसान राजकुमार, सुजान, राजेश बलायचा, सुभाष, मोनू ने बताया कि आज हुई वर्षा कपास की खेती के लिए लाभदायक है।
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किसानों को होगा फायदा:
भूमि प्रशिक्षण अधिकारी विजय चोपड़ा का मानना है कि महेंद्रगढ़ क्षेत्र में 25 डिग्री बारिश दर्ज की गई है। वीरवार को हुई बारिश से कपास के लिए लाभदायक है। लेकिन, बाजरे की फसल के लिए नुकसानदायक है, क्योंकि कई जगह तो किसानों ने लावणी आरंभ कर दी थी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि कपास के खेतों में पानी खड़ा नहीं रहने देना चाहिए अगर पानी खड़ा रहा तो पौधा मर जाएगा। उन्होंने बताया कि बारिश के अभाव में कपास के पौधे सूखने लगे थे।
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