अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
यूनियन फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल वीरवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर गई। सरकारी बैंकों के प्रबंधन भारतीय बैंक संघ के दो फीसदी वेतन इजाफे के प्रस्ताव के विरोध में बैंक कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल बुधवार से शुरू हो गई थी। इसके चलते जिला के सरकारी बैंकों में बैंकिंग सेवाएं बाधित रहीं। हालांकि प्राइवेट बैंकों में काम सामान्य तौर पर चल रहे हैं। सिर्फ चेक से संबंधित कुछ सेवाएं बाधित हुई हैं।
हड़ताल महीने के आखिर में पड़ने से सैलरी का इंतजार भी बढ़ गया है। वहीं जिला की अधिकांश एटीएम मशीनें भी कैशलेस हो गई। इसके अलावा बैंक शाखाओं में डिपोजिट, बैंक लॉकर, सरकारी खजाने से जुड़े काम और व्यापार से जुड़े इत्यादि अन्य कामों पर इस हड़ताल का असर देखने को मिला। बैंकों की हड़ताल ऐसे समय में हुई है जब महीने के अंत में बैंक शाखाओं से वेतन निकाला जाता है। हड़ताल से कर्मचारियों को वेतन मिलने में भी दिक्कत आ सकती है जबकि इंटरनेट बैंकिंग के जरिये ग्राहकों को कुछ सेवाएं मिलती रहीं, लेकिन हड़ताल के कारण बैंकों के सामान्य कामकाज पर असर पड़ा है। क्योंकि बैंकों के कुल कामकाज में डिजिटल बैंकिंग का योगदान महज पांच प्रतिशत ही है।
400 करोड़ रुपयों का लेनदेन अटका
यूनियन फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन के आह्वान पर की गई दो दिवसीय हड़ताल में जिला में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की 39 शाखाओं के करीब 300 कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हड़ताल के चलते जिला में 400 करोड़ रुपयों का लेनदेन अटकने का अनुमान है। अकेले नारनौल में 250 करोड़ रुपयों का लेनदेन प्रभावित हुआ है जबकि प्राइवेट बैंकों में कामकाज सामान्य रूप से जारी है।
एटीएम में कैश न होने पर लोग रहे परेशान
हड़ताल के चलते जिले के विभिन्न बैंकों में ताले लटके रहे। बैंकों में कामकाज ठप होने से ग्राहक परेशान रहे। जिला में जगह-जगह स्थापित एटीएम भी खाली हो गए। बैंकों हड़ताल के कारण लोगों ने बुधवार को ही एटीएम से राशि निकाल ली, जिससे बृहस्पतिवार को एटीएम भी कैशलेश हो गए।
बैंक कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
जिला महेंद्रगढ़ के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक वीरवार को दूसरे दिन भी बंद रहे। भारतीय स्टेट बैंक की जिला कचहरी शाखा के बाहर सभी बैंकों के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर यूनियन फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन के प्रधान कर्णसिंह के नेतृत्व में नारेबाजी व धरना प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे बैंक कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रधान कर्णसिंह ने कहा कि सरकार बैंक कर्मचारियों की वेतन वृद्धि में लगातार देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि एनपीए का भार बैंक कर्मचारियों के वेतन से न जोड़ा जाएं। इस मौके पर देवेंद्र, कैलाश जोया, अभिनव गर्ग, संजीव, राजेश, सतीश, विकास, संदीप, अशोक, रामचंद्र सैनी, सोमवीर, श्रीकांत, महिपाल सिंह, हितैष यादव, बिजेन्द्र सांगवान, ज्ञानचंद, बनी सिंह, नेतराम, जयपाल, महेश, सोमवीर, कुलदीप, इन्द्रसिंह, रामनिवास, मोहर सिंह व सुभाष चंद आदि उपस्थित रहे।