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बड़े शहरों की तर्ज पर जिला में लागू होगी स्ट्रीट वेंडर पालिसी

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल।
अब जल्द ही जिले की नारनौल नगर परिषद व अन्य पालिकाओं में बड़े शहरों की भांति स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत रेहड़ियां व खोमचे लगाए जाएंगे। इसके लिए सरकार द्वारा रुद्राभिषेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से अनुबंध किया है। कंपनी द्वारा नारनौल, नांगल चौधरी, अटेली, कनीना व महेंद्रगढ़ में रेहड़ी व खोमचे वाले का पहले चरण का सर्वे भी करवाया जा चुका है। वहीं बचे हुए रेहड़ी व खोमचों वालों का दूसरे चरण में संबंधित पालिकाओं में कंपनी कर्मचारियों के माध्यम से सर्वे पूरा किया जाएगा।
सर्वे पूरा होने के बाद रेहड़ी व खोमचों वालों का डाटा एकत्रित कर उनकी संख्या के हिसाब से शहर में उनके लिए जगह निर्धारित की जाएगी। इसके बाद उन्हें रेहड़ी लगाने के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा। अगर यह योजना सिरे चढ़ी तो लोगों को जल्द ही सड़क किनारे लगने वाले रेहड़ी व खोमचों से निजात मिलेगी। वहीं शहर की सड़कों में होने वाले अतिक्रमण से भी लोगों को छुटकारा मिलेगा।
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नगर परिषद प्रशासन के अनुसार सरकार ने प्रदेश में रेहड़ी व खोमचे लगाने के लिए नई स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी लागू की है। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए सरकार ने नोएडा की रुद्राभिषेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से अनुबंध किया है। जोकि प्रदेश की सभी नगर निगम, परिषद व पालिकाओं में रेहड़ी व खोमचों वाला का सर्वे करेगी जिसके बाद वहां की नपा उन रेहड़ी व खोमचों वालों के लिए ऐसा उपयुक्त स्थान निर्धारित करेगी, जहां पर राहगीरों के लिए आने-जाने व वाहन आदि खड़ा करने की जगह हो। इसके लिए नपा उक्त रेहड़ी व खोमचों वालों को बिजली-पानी व अन्य सुविधाओं देगी। जिसके लिए वह उक्त रेहड़ी व खोमचों वाले से कुछ शुल्क भी वसूल करेगी।
अतिक्रमण से मिलेगा छुटकारा
शहर में सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ी व खोमचे से अकसर बाजारों में जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं शहर का सौंदर्यीकरण को भी ग्रहण लगता है। अगर सरकार की स्ट्रीट वेंडर योजना सिरे चढ़ती है तो लोगों शहर में सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ी व खोमचों से होने वाले अतिक्रमण से छुटकारा मिलेगा। वहीं शहर के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
एक व्यक्ति को मिलेगा एक ही लाइसेंस
नगर परिषद प्रशासन की माने तो वर्तमान में शहर में विभिन्न स्थानों पर 600-700 के करीब रेहड़ी व खोमचे लगाए जा रहे हैं। इनमें एक व्यक्ति के दो या इससे अधिक रेहड़ी व खोमचे शामिल हैं। परंतु स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत एक व्यक्ति को एक ही लाइसेंस जारी होगा। इस प्रकार वह केवल ही रेहड़ी या खोमचा निर्धारित स्थान पर लगा सकेगा। अगर पॉलिसी के विरुद्ध जाकर एक से अधिक रेहड़ी व खोमचा लगाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निर्धारित जगह पर सफाई का रहेगा प्रबंध
पॉलिसी के तहत पंजीकृत रेहड़ी व खोमचे वाले को अपने पास गीले व सूखे कचरे का अलग-अलग डस्टबिन रखना होगा। इस कचरे को उठाने के लिए सुबह-शाम कचरा सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी क्योंकि अकसर देखा जाता है कि अधिकतर रेहड़ी संचालक बर्गर, समोसे, आइसक्रीम व अन्य छिलकेदार खाद्य सामग्री के अवशेष को डस्टबिन में नहीं डालने की बजाय इधर-उधर फेंक देते हैं जिससे शहर की सुंदरता-स्वच्छता प्रभावित होती है।
स्थायी दुकानदारों को लगेगा झटका
अगर योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो स्थायी दुकानदारों को भी बड़ा झटका लगेगा, क्योंकि स्थायी दुकानदार अपनी दुकानों के सामने रेहड़ी लगाने वालों से 15-15 हजार प्रति महीने किराया वसूलते हैं। लेकिन इसके बाद स्थायी दुकानदार उक्त रेहड़ी वाले से अवैध किराया नहीं वसूल पाएंगे। वहीं मुख्य सड़कों पर लगने वाले जाम की भी समस्या नहीं रहेगी।

स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत जिला महेंद्रगढ़ के तहत आने वाली पांचों पालिकाओं में 5000 के करीब रेहड़ी व खोमचों वालों का सर्वे किया जा चुका है। अब रेहड़ी व खोमचों के लिए संबंधित पालिकाओं के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित किया जाएगा।
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-राकेश कादयान, चीफ प्रोजेक्ट ऑफिसर पंचकुला।

सरकार की स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी शहर के लिए वरदान साबित होगी। इस पॉलिसी के तहत शहर में बेतरतीब लगने वाली रेहड़ी व खोमचे के लिए अलग से जगह निर्धारित की जाएगी जिससे आमजन को सड़कों में पर होने वाले अतिक्रमण व जाम से मुक्ति मिलेगी।
-भारती सैनी चेयरपर्सन, नगर परिषद नारनौल।
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