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कनीना तालाबंदी

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फोटो संख्या:52 से 53
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अमर उजाला ब्यूरो
कनीना। चिकित्सकों की कमी को लेकर कस्बेवासियों ने सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तालाबंदी कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी। इसके बाद कस्बेवासी अस्पताल के मुख्य द्वार पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। देर शाम को सीएमओ दयानंद बागड़ी मौके पर पहुंचे और दो चिकित्सकों की भर्ती का आश्वासन दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डिप्टी स्पीकर वहां से जा रही थीं, लेकिन उन्होंने अपने विधानसभा के उपमंडल कस्बे कनीना को नहीं पहचान पाई। आगे जाकर उन्होंने किसी से पूछा कि यह कौन सा गांव हैं और यहां क्यों बैठे हैं? डिप्टी स्पीकर सीधे ही वहां से निकल गई।
ग्रामीण कप्तान भरपूर सिंह, लालचंद यादव, उपेंद्र सिंह, नवीन भास्कर, राकेश कुमार, हेमंत, राहुल, मनोज कुमार, हरीश, कालू, अशोक बताया कि कनीना के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में एक भी चिकित्सक स्थायी रूप से तैनात नहीं है। वर्तमान में मुंडिया खेड़ा पीएचसी के दो चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र सिंह एवं डॉ. सुदेश कुमार डेप्यूटेशन रहकर अस्पताल को संभाल रहे हैं। दिन के समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहते हैं। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त या गंभीर रूप से पीड़ित मरीज अस्पताल आए तो इलाज मिलना दूर की बात चिकित्सक मिलना बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने बताया कि कनीना अस्पताल के अंतर्गत लगभग 36 गांव आते हैं और प्रतिदिन अस्पताल की लगभग 200 ओपीडी होती है। उसके बावजूद भी यहां एक भी चिकित्सक स्थायी नहीं है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की कमी के चलते क्षेत्र के मरीजों को या तो रेवाड़ी जाना पड़ता है या महेंद्रगढ़ जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें आश जगी थी कि शायद अब अस्पताल में चिकित्सकों की कमी नहीं रहेगी। किंतु सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
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चिकित्सक मिलते हैं नदारद
कनीना वासी सुशील मित्तल ने बताया कि सोमवार सुबह करीब पौने दस बजे पेट्रोल पंप के सामने 22 वर्षीय युवती पूनम चलती बाइक से गिर कर घायल हो गई। उसे तत्काल अस्पताल लेकर आए तो वहां पर चिकित्सक नदारद थे। परिजन उसे रेवाड़ी लेकर चले गए। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताहभर पूर्व भी एक मरीज को लेकर आए उस समय भी कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं था। सत्यराज यादव ने बताया कि वह भी अपने परिवार के सदस्य को लेकर रात में अस्पताल आए थे लेकिन चिकित्सक नहीं होने पर दूसरे अस्पताल में लेकर जाना पड़ा था।

डिप्टी स्पीकर नहीं पहचान पाई कनीना को
लालचंद यादव, सत्यराज यादव व कप्तान भरपूर सिंह ने कहा कि अटेली की हलका विधायक संतोष यादव सीएचसी के ठीक सामने स्थापित किए गए टॉयलेट का उद्घाटन करने के लिए अधिकारियों के साथ आई तो अस्पताल गेट के सामने चिकित्सकों की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे लोगों को लेकर कहा कि, ये कौन सा गांव है? उन्होंने कहा कि विधायक आमजन की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम रही हैं। इससे जनता में रोष बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में उपस्थित स्टाफ नर्स प्रवीन कुमारी ने बताया कि पिछले पखवाड़ेभर से रात्री व इमरजेंसी पर कोई चिकित्सक नहीं है। इस बात की जानकारी उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को दी हुई है।
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चिकित्सकों की कमी के चलते 36 गांव प्रभावित
कनीना में अस्पताल भवन एवं चिकित्सकों की कमी के चलते चिकित्सा सेवाएं चरमराई हुई हैं। चिकित्सक स्टाफ की कमी के चलते 36 गांवों की आबादी बुरी तरह से प्रभावित है। यहां पुराना एवं कंडम भवन था जिसे तोड़ दिया गया है, भवन के अभाव में चिकित्सकों के बैठने तथा चिकित्सा उपकरण एवं दवाएं रखना मुसीबत बना हुआ है। 10 बेड के इस अस्पताल के स्थान पर 50 बेड का अस्पताल बनाया जाना प्रस्तावित है। इसका बजट भी स्वीकृत हो गया हे लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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