अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। शहर को जल्द ही सब डिपो की सौगात मिलने जा रही है। इसके लिए प्राइमरी स्तर पर काम शुरू हो गया है। सब डिपो वर्कशॉप के लिए बस स्टैंड के सामने खाली जगह का चयन किया गया है। पीडब्ल्यूडी ने साइट प्लान पर काम शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग से वर्कशॉप के लिए कोई अच्छा नक्शा भी मांगा है। एक महीने में इसकी डिजाइन बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद एस्टिमेट तैयार कर भेजा जाएगा। उसे मंजूरी मिलते ही पीडब्ल्यूडी विभाग टेंडर लगाकर काम शुरू करवा देगा। इस पूरी प्रक्रिया में पांच से छह महीने लगने की संभावना है। सब डिपो बन जाने से बसों की संख्या तो बढ़ेगी ही, लोगों को सुविधा और रोजगार भी उपलब्ध होगा। सब डिपो बन जाने से विधानसभा क्षेत्र के लगभग 104 गांवों और 25 ढाणियों के लगभग 2 लाख लोगों को फायदा होगा।
शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने नो अप्रैल 2016 में महेंद्रगढ़ में प्रगति रैली आयोजित की थी। इस रैली में मुख्य अतिथि सीएम मनोहर लाल ने 12.57 करोड़ रुपये से महेंद्रगढ़ में सब डिपो का शिलान्यास पत्थर रखा था। डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद सब डिपो बनाने की प्राथमिक प्रक्रिया पर काम शुरू हो गया है। इससे पूर्व-2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी महेंद्रगढ़ में सब डिपो बनाने की घोषणा की थी। तत्कालीन सरकार ने इसका बजट भी जारी कर दिया था, लेकिन तत्कालीन हुड्डा सरकार के परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने यह बजट अपने विधानसभा क्षेत्र नूंह में डिपो बनाने पर खर्च कर दिया।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
इस दौरान अमर उजाला ने सब डिपो बनाने का मुद्दा कई बार उठाया। 16 जुलाई को भी अमर उजाला ने ‘दो मुख्यमंत्रियों ने की घोषणा, जनता को फिर भी पड़ा रोना’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इस समाचार के बाद हरकत में आए उच्च अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी को साइट प्लान तैयार करने के निर्देश दे दिए।
40 बसों का बेड़ा जुड़ेगा
महेंद्रगढ़ सब डिपो वर्कशॉप बन जाने के बाद कम से कम 40 बसों को बेड़ा जुड़ेगा। इससे लोगों को आने-जाने में सुविधा हो जाएगी। परिवहन विभाग का स्टाफ भी बढ़ाया जाएगा और साफ-सफाई के कर्मचारियों की सीटें भी बढ़ेंगी। वर्तमान से महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से मात्र 22 बसें चलती हैं। इनमें से अधिकतम दूरी की बसें दिल्ली, जयपुर तक के लिए हैं।
बनेगा सब डिपो तो बढ़ेगा रोजगार
महेंद्रगढ़ बस स्टैंड सब डिपो बन जाने के बाद यहां के लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान होंगे। वर्तमान में बस स्टैंड पर लगभग छह दुकानें हैं। यात्रियों की संख्या कम होने और दुकान का किराया अधिक होने के कारण यहां की दुकानों के टेंडर प्रति वर्ष खाली ही जाते हैं। बस स्टैंड को बने हुए लगभग 22 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इन 22 वर्षों में कभी भी सभी दुकानें नहीं खुली। इसके अलावा ऑटो चालकों और बाहर रेहड़ी चालकों की आय में भी वृद्धि होगी।
सब डिपो की प्राथमिक स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। अभी इसका साइट प्लान बनाया जा रहा है। लगभग एक महीने में इसकी ड्राइंग बनकर आ जाएगी। इसके बाद अस्टिमेट बनाकर भेज दिया जाएगा।
-राजवीर शर्मा, एसडीओ पीडब्ल्यूडी बी एंड आर।
सब डिपो पर काम शुरू हो गया है। पीडब्ल्यू डी बी एंड आर विभाग ने उनसे वर्कशॉप का नक् शा मांगा था जो उन्होंने विभाग को दे दिया है। उनका साइट प्लान का काम चल रहा है।
-सुरेंद्र यादव, जीएम, नारनौल डिपो