अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल/महेंद्रगढ़। हरियाणा रोडवेज यूनियनों की ओर से बुधवार को सरकार द्वारा 720 प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में रोडवेज का चक्का जाम का असर जिले में मिला-जुला रहा। नारनौल डिपो में अधिकारियों ने सुबह बस चलाने की कोशिश की लेकिन कुछ कर्मचारियों ने विरोध किया। जिस पर पुलिस 28 कर्मचारियों को अरेस्ट कर लिया। इसमें से छह पर एस्मा के तहत कार्रवाई की गई है। जिसके नारनौल डिपो से सुबह विभिन्न लोकल रूटों के लिए करीब 51 बसों को कार्यशाला से रवाना किया। जबकि महेंद्रगढ़ से 16 बसें चली। दूसरी ओर हड़ताल से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी और मजबूरन निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा।
रोडवेज यूनियन ने बुधवार को प्रस्तावित चक्का जाम को सफल बनाने के लिए मंगलवार शाम चार बजे ही बसों का संचालन रोक दिया था। इसके बाद कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए थे। जिसे देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया। नारनौल में बुधवार सुबह रोडवेज विभाग की ओर से बसों को चलाने का प्रयास किया तो हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बसों को कार्यशाला से बाहर नहीं निकालने दिया।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार योगेश कुमार व डीडीपीओ दीपक कुमार ने मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, एसडीएम जगदीश कुमार व डीएसपी महेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को समझाया, लेकिन कर्मचारियों ने उनकी नहीं सुनी। इस पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से कर्मचारियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए। पुलिस कर्मचारी एक-एक कर धरने पर बैठे कर्मचारियों को वैन में बैठाकर थाने ले गए। जहां 22 कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। वहीं, 6 अन्य कर्मचारियों पर एस्मा के तहत कार्रवाई की गई। सिटी थाना प्रभारी ने बताया कि छह कर्मचारियों का मेडिकल करवा उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
दूसरी ओर महेंद्रगढ़ डिपो में कुछ बसें बस स्टैंड पर खड़ी रही। चरखी दादरी और भिवानी डिपो की बसों का पहिया चलता रहा। रोडवेज बसें कम चलने के कारण यात्रियों का परेशानी उठानी पड़ी। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल को लेकर महेंद्रगढ़ में तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया। डीएसपी ने भी मौके पर पहुंच कानून व्यवस्था का जायजा लिया। नारनौल में रोडवेज कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद दोपहर दो बजे महेंद्रगढ़ सभी चालक और परिचालक नारनौल चले गए। जिसके बाद पूर्ण रूप से चक्का जाम हो गया। सतनाली और महेंद्रगढ़ में नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी डिपो की बसों का आवागमन जारी रहा। महेंद्रगढ़ से छह बसें नारनौल, दो सतनाली, एक गुरुग्राम तथा दो दादरी की ओर गई। इसके अलावा सुबह सात बजे से पहले पांच बसें रेवाड़ी के लिए निकल गई थी। सुबह से दोपहर तीन बजे तक 16 बसें महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से होकर निकली हैं। जबकि स्टैंड पर 16 बसें खड़ी रहीं।
हड़ताल के चलते यात्रियों को हुई परेशानी
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों को करनी पड़ी, क्योंकि रोडवेज कर्मचारी मंगलवार सायं से ही चक्का जाम कर धरने पर बैठ गए थे। इस प्रकार विभिन्न रूटों पर परिवहन बसों को आवागमन नहीं हो सका। इसके यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। निजी बसों के छत पर लोगों को यात्रा करनी पड़ी। पूरे दिन बसों की कमी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। रोडवेज के पास करीब 151 बसें है। जिसमें 145 ऑन रोड है।
11 बजे के बाद विभिन्न रूटों पर चली बसें
हड़ताली कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद अनेक चालक-परिचालक बसें चलाने के लिए कार्यशाला पहुंच गए। रोडवेज विभाग के डीआई जयकिशन, कार्यवाहक डीआई ओमप्रकाश, ट्रैफिक मैनेजर अनीत कुमार, सीआई विक्रम ने 51 के करीब बसों को रेवाड़ी, महेेंद्रगढ़, कनीना, निजामपुर, नांगल चौधरी व सिंघाणा रूट के लिए रवाना किया। जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिली।