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जिला में नहीं है रोडों पर संकेतात्मक सफेद पट्टी

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सड़कों पर नहीं है संकेतात्मक सफेद पट्टी
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-धुंध के मौसम में पट्टी न होने से होगी चालकों को परेशानी, येलो पट्टी नहीं दिखाई देती पूरे जिला में
फोटो नंबर छह से 11 तक
देवेंद्र यादव
नारनौल। दिसंबर माह शुरू हो गया है। अब गहरे कोहरे का प्रकोप शुरू हो जाएगा। महेंद्रगढ़ कनीना क्षेत्र में हलका कोहरा छा भी चुका है। ऐसे में वाहन हादसों का सबसे ज्यादा डर रहता है। प्रदेश में धुंध व कोहरे की वजह से करनाल, हिसार, सोनीपत आदि जिलों में हादसे भी हो चुके हैं। घने कोहरे व धुंध में इन हादसों को कम करने में सड़कों पर बनी सफेद पट्टी बहुत योगदान देती है, मगर जिला के अनेक ऐसे रोड हैं, जहां पर ये सफेद पट्टी है ही नहीं। इस कारण धुंध व घने कोहरे में वाहन चालकों को परेशानी होगी।
नारनौल का तापमान भी छह से सात डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। आगे-आगे दिसंबर अंत तक गहरा कोहरा पड़ने लग जाएगा। ऐसे में कोहरा वाहन चालकों के लिए बड़ा ही घातक सिद्ध हो सकता है। इससे बचने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा रोड़ों पर थर्मोप्लास्टिक पेंट से व्हाइट लाइन व येलो लाइन का इस्तेमाल किया जाता है, मगर जिला की सड़कों में कहीं-कहीं ये पट्टी लगी हैं।
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पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से यदि सड़कों के बीचोबीच व्हाइट लाइन व येलो लाइन बना दी जाती है तो इससे वाहन चालकों को वाहन चलाने में दिक्कत नहीं आती तथा वे ये लाइन देखते हुए आसानी से अपने वाहन को चला लेते हैं। इन लाइनों में दूसरे वाहन की लाइट आदि पड़ने से ये ज्यादा चमकदार भी हो जाती हैं। इससे दूसरे वाहन के आने का पता भी आसानी से चल जाता है।
एक तरफ जहां जिले की सड़काें पर संकेतक के रूप में व्हाइट व येलो लाइन नहीं बनी हुई है, वहीं जिले की सड़कों की हालत भी बहुत ही खस्ता है। इससे वाहन चालक परेशान रहते हैं। जिले के अधिकांश स्टेट हाइवे व अन्य अप्रोच रोड काफी खस्ता हालत में हैं। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कहीं नहीं है येलो लाइन
जिले की सड़कों में बेशक कुछ जगह व्हाइट लाइन बनी हुई हो। मगर येलो लाइन जिला की सड़कों में कहीं भी दिखाई नहीं देती है। कोहरे के मौसम में येलो लाइन विशेष रूप से व्हाइट लाइन के बीच-बीच में खिंची जाती हैं। ये लाइन विजिबल साइन होते हैं। जो सड़कों पर लगाना बहुत जरूरी होता है, मगर जिला की सड़कों पर ये साइन नहीं हैं। विभाग की मानें तो जिला में ऐसी लाइन कहीं भी नहीं है।
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इन रोडों पर नहीं हैं लाइन
जिले की नारनौल-निजामपुर, नारनौल-नांगल चौधरी रोड, रेवाड़ी व सिंघाना रोड पर कहीं-कहीं ही यह साइन दिखाई देती हैं। इनके अलावा अप्रोच रोड निजामपुर-नांगल चौधरी, फैजाबाद-कनीना, अटेली-कनीना, कनीना-महेंद्रगढ़ पर कहीं भी यह लाइन नहीं है।

- जानिये जिले के रोड
नेशनल हाईवे-2, किलोमीटर-116.22
रेवाड़ी-झुंझुनू नेशनल हाईवे नंबर 11
कोटपुतली-दादरी नेशनल हाईवे नंबर 142 बी
स्टेट हाईवे किलोमीटर-113.57
नारनौल-निजामपुर
निजामपुर-खेतड़ी
महेंद्रगढ़-सतनाली
महेंद्रगढ़-कनीना
नारनौल-बहरोड़
एमडीआर -किलोमीटर 135.96
निजामपुर-नांगल चौधरी
कनीना-अटेली
फैजाबाद-कनीना
चिडिया-कनीना
सतनाली-बाढड़ा
झौंझू-सतनाली

महेंद्रगढ़ की सड़कों पर बचाव के लिए ऐसे कोई भी संकेतक नहीं बनाए गए। इस कारण वाहन चालकों को कोहरे के मौसम में बड़ी परेशानी होती है।
-शंकरलाल

धुंध के मौसम में वाहन चलाना बहुत मुश्किल व जोखिम भरा होता है। ऐसे में यदि ये लाइनें रोडों पर लग जाएं तो परेशानी कम होगी।
-विनोद सोनी

रोडों पर सफेद पट्टी का होना बहुत जरूरी है। इससे धुंध के मौसम में काफी मदद मिलती है। मगर विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
-आचार्य क्रांति निर्मल

आगे दिसंबर माह में कोहरा और धुंध बढ़ेंगी। इससे वाहन हादसे भी बढ़ जाते हैं। इनको रोकने के लिए ये सफेद पट्टी बहुत मददगार होती हैं।
-पंकज गौड़

जिले में कहीं भी येलो लाइन लगाने का प्रावधान नहीं है। हां व्हाइट लाइन कई सड़कों पर लगी है। जहां पर नहीं लगी, उसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
-दर्शन कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, नारनौल
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