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आटो चालक का लाइव कवरेज ककककक

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फोटो संख्या:51 से 60
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। नेशनल हाईवे पर शनिवार को ऑटो और बस की टक्कर से हुए हादसे के बाद भी पुलिस प्रशासन नहीं जागा है। अलग-अलग रूटों पर बसों की कमी से सवारी ऑटो में तय से अधिक संख्या में बैठती हैं। सोमवार को भी स्टैंड पर देखा गया कि 15-15 यात्री ऑटो में बैठे हुए थे। इस दौरान यात्रियों से भी टीम ने बात की तो उन्होंने बताया कि उनके गांव में बसें नहीं चलतीं, जिस कारण मजबूरी में वे ऑटो में बैठकर जाते हैं। शाम के समय पुलिस अधीक्षक से कुलदीप सिंह ने अमर उजाला संवाददाता को बताया कि थाना प्रभारी ने विभिन्न स्टैंडों पर जाकर ऑटो चालकों के खिलाफ अभियान चलाया। बस स्टैंड पर अभियान के दौरान थाना प्रभारी ने दावा किया कि उन्होंने आज दिन में आठ गाड़ियों के चालान कर दिए हैं।
25 नवंबर को नेशनल हाईवे के पास बदरवाल सिटी के सामने बस और ऑटो की टक्कर में तीन लोगों की मौत, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पूरा ऑटो ओवरलोड था। इसमें दो युवक ऐसे थे जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। अस्पताल में घायलों का हालचाल जानने पहुंचे पुलिस अधीक्षक कमलदीप सिंह ने थाना प्रभारी रमेश कुमार को ओवरलोड ऑटो चालक के चालान काटने के आदेश दिए थे। उसी को लेकर अमर उजाला टीम ने सोमवार को विभिन्न गांवों के स्टैंडों पर जाकर पड़ताल की तो पाया कि ऑटो ओवरलोड भरे जा रहे हैं।
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शाम को चलाया अभियान
थाना प्रभारी रमेश कुमार के नेतृत्व में ऑटो चालकों के खिलाफ शाम 4.30 बजे अभियान चलाया गया। इस दौरान थाना प्रभारी ने तीन चार ऑटो के कागज भी चेक किए। उनमें से एक ऑटो चालक के पास कागज नहीं था जिसको इंपाउंड कर दिया गया। इसके बाद लगभग पांच बजे रेलवे स्टेशन पर थाना प्रभारी पहुंचे, जहां पर ऑटो चालकों को हिदायत दी गई। थाना प्रभारी ने ऑटो चालकों को बताया कि ऑटो के पूरे दस्तावेज होने चाहिए और छह से अधिक सवारी ऑटो में नहीं होनी चाहिए। आगे की सीट पर महिला को नहीं बैठी हुई होनी चाहिए। अगर इन नियमों को ऑटो चालक ताक पर रखेंगे तो उनके चालान काट दिए जाएंगे।

ऑटो में सरकारी स्कूल के 15 बच्चे
ऑटो में 15 से 20 विद्यार्थियों को स्कूल से घर तक लेकर जाया जाता है। सोमवार को सरकारी स्कूल के बच्चे अस्पताल के टूर पर थे। वे अस्पताल में डॉक्टरों के कामकाज और मशीनों ंकी जानकारी के लिए आए थे। वापस जाते समय दो ऑटो में 30 से 35 विद्यार्थी बैठे हुए थे। उनके साथ मैडम भी थी। इस बारे में जब ऑटो चालक से बात की तो उसे स्कूल के अध्यापकों का नाम ले दिया कि वो उनके कहने पर बच्चों को बैठाकर लाए हैं। जब मैडम से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनको दो ही ऑटो वहां मिले थे और कोई ऑटो आसपास नहीं था।
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इन गांवों में हैं बसों की परेशानी
महेंद्रगढ़ से कोथल खुर्द के लिए कोई बस नहीं है
महेंद्रगढ़ से बलायचा वाया बुडीन
महेंद्रगढ़ से सोलहा, वाया बलाना, ढाढ़ोत
बवानिया से सुंदरह एक बस, सुबह 6.30
महेंद्रगढ़ से बेवल वाया देवास चितलांग
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महेंद्रगढ़ से बुडीन रोड पर एक मात्र बस चलती है। वो भी सुबह के समय। इसके बाद कोई बस नहीं चलती। हमें तो मजबूरी में बस में बैठना पड़ता। अगर बसें चले तो ऑटो में बैठने की नौबत ही न आए।
-लोकेश खातोद
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महेंद्रगढ़ से बलाना, ढ़ाढ़ोत, सोलह रोड पर सुबह के समय एक ही बस चलती है। इस रोड के बहुत से विद्यार्थी यहां कोचिंग के लिए आते हैं। इसलिए उन्हें दोपहर और शाम को एक-एक बस ओर चल जाए तो उन्हें ऑटो या पिकअप का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
-भूप सिंह बलाना
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महेंद्रगढ़ से भोजावास के लिए सुबह 6.30 बजे एक ही बस चलती है। इस बस से ग्रामीणों को कोई फायदा नहीं हो रहा। इसके बाद लोग ऑटो से ही आवाजाही करते हैं। ऑटो चालक ऑटो को ऊपर नीचे भरकर ले जाते हैं जिससे ऑटो के कभी भी पलटने का डर रहता है।
- कृष्ण कुमार
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बुचौली रोड पर कोई बस सुविधा नहीं है। केवल ऑटो से ही आना जाना होता है। ऑटो 15 से 20 सवारी भरकर ले जाते हैं। हमेशा जान का खतरा बना रहता है। सरकार को चाहिए बुचौली रोड पर एक बस चलाई जाए ताकि ग्रामीणों को परेशानी न उठानी पड़े।
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-कपूर
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पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद रविवार को ऑटो चालकों को समझा दिया गया था। सोमवार को आठ ऑटो इंपाउंड किए गए हैं जिनमें एक मैक्सी कैब है। रेलवे स्टेशन पर ऑटो चालकों को नियमों के पालन के निर्देश दिए गए हैं।
-रमेश कुमार, थाना प्रभारी महेंद्रगढ़
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