फोटो नंबर 14 से 19 तक
फीका ही रह गए नवरात्र, अब दिवाली पर चमक की आस
दस साल में नहीं आई कभी ऐसी मंदी, व्यापारी हो रहे बेहाल, गत वर्ष के मुकाबले 50 से 70 प्रतिशत कम हो रही बिक्री
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। इस बार पूरे नवरात्र गए, पर बाजार में उछाल नहीं आया। इससे शहर के व्यापारी मायूस हैं। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने ऐसी मंदी दस साल में कभी नहीं देखी। व्यापारियों की मानें तो इसका मुख्य कारण गत वर्ष हुई नोटबंदी और उसके बाद लगा जीएसटी है। जीएसटी के डर के कारण लोग सामान लेने से कतरा रहे हैं। शहर के व्यापारी दिन में अपनी दुकानों पर हाथ पर हाथ रख बैठे रहते हैं। वहीं दिन के समय ग्राहक न आने के कारण रात को आठ बजे ही घरों को जा रहे हैं। अब व्यापारी उम्मीद लगा रहे हैं कि दीपावली पर शायद बाजार में कुछ उछाल आ जाए। व्यापारियों के अनुसार इस बार बिक्री गत वर्ष के मुकाबले 50 से 70 प्रतिशत तक कम हो रही है।
कनागत के बाद नवरात्र में व्यापारियों को बाजार गुलजार होने की उम्मीद थी। व्यापारियों को लग रहा था कि बाजार में कई दिनों से छाई मंदी नवरात्र में दूर हो जाएगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। पूरे नवरात्र गए बाजार में दुकानदार हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। व्यापारियों का कहना है कि नवरात्र के दिनों में लोग जमकर खरीदारी करते हैं, मगर इस बार बाजार में लोग आ ही नहीं रहे। दुकानदारों के अनुसार इसका मुख्य कारण जीएसटी हो सकता है। क्योंकि जीएसटी के बारे में लोग भ्रमित हैं और उन्हें लग रहा है कि सभी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। इसके कारण बाजार में वे आने से कतरा रहे हैं।
नारनौल बाजार में अनेक थोक विक्रेता हैं। इन थोक विक्रेताओं के पास से राजस्थान के अनेक कस्बों सिंघाना, चिड़ावा, बुहाना, खेतड़ी, नीमका थाना, पाटन आदि से दुकानदार माल खरीदने के लिए आते हैं। ये दुकानदार दीपावली से पहले नवरात्र पर अपने आर्डर बुक करा जाते हैं, पर इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बाहर से दुकानदार नहीं आने के कारण थोक व्यापारी भी दिनभर खाली रहते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक की दुकानों पर भी नहीं काम
दीपावली पर साज सज्जा के बाद लोग अपने घरों को प्रकाशमय करते हैं। इसके चलते वे दस-15 दिन पहले या नवरात्र के आसपास से ही दीपावली की खरीदारी शुरू कर देते हैं। मगर इस बार इलेक्ट्रानिक आइटम बेचने वाले दुकानदारों की भी बिक्री नहीं हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि इलेक्ट्रानिक की बिक्री इस बार 70 प्रतिशत कम हो रही है। इन दिनों जहां खरीददारों की भीड़ नहीं टूटती थी, वहीं अब दुकानदार खाली बैठे हैं।
रंग रोगन वाले दुकानदार भी मायूस
आमतौर पर लोग नवरात्र के आसपास से अपने घरों व प्रतिष्ठानों पर रंग रोगन करने के लिए लग जाते हैं, पर इस बार लोग मंदी की मार के कारण रंग रोगन नहीं कर रहे। इससे इसकी दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। रंग रोगन का सामान बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि नवरात्र के आसपास अच्छी बिक्री होने लगती है, पर इस बार गत वर्ष के मुकाबले 50 प्रतिशत भी बिक्री नहीं हुई।
दीपावली के इंतजार में दुकानदार
दुकानदारों का कहना है कि अब उन्हें दीपावली का इंतजार है। दीपावली के बाद 31 अक्टूबर से देव उठेंगे। देव उठनी से पहले बाजार में लोग खरीदारी करते हैं। इसलिए अक्टूबर माह के पहले सप्ताह के बाद से बाजार गुलजार होने की उम्मीद है।
गत दस वर्षों में ऐसा कभी नहीं देखा। इलेक्ट्रानिक आइटम लेने के लिए गत वर्ष तक नवरात्र में भीड़ रहती थी, मगर इस बार ग्राहक आ ही नहीं रहे। इस कारण व्यापारी बड़े मायूस हैं।
-महावीर प्रसाद गर्ग, व्यापारी
बाजार में बहुत ज्यादा मंदी है। मंदी के कारण बिजनेस उभर ही नहीं पा रहा है। इसके कारण व्यापारी परेशान हैं। कपड़ा व्यवसाय जीएसटी के कारण बुरी तरह पीटा हुआ है।
-संजय कुमार, व्यापारी
जीएसटी के कारण ग्राहक बाजार में आने से कतरा रहे हैं। लोगों को डर है कि सामान ज्यादा रेट पर मिलेगा। लोग केवल जरूरत की ही चीजें खरीद रहे हैं। इसके कारण अन्य सामान धरा हुआ है।
-प्रिंस अरोड़ा, व्यापारी
लोग बाजार का रुख ही नहीं कर रहे। नवरात्र में ही यह हाल है तो आगे की उम्मीद कैसे लगाई जा सकती है। अब दीपावली का इंतजार रहेगा, मगर मंदी के कारण तब बाजार गुलजार होगा या नहीं यह भी सही नहीं कहा जा सकता है।
- बबलू, व्यापारी