अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर की आबोहवा में प्रदूषण स्तर की जानकारी अब लोगों को रियल टाइम पर मिलेगी। इसके लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिला लघु सचिवालय में प्रदूषण मापक यंत्र लगा दिया है। इसका एक सप्ताह तक ट्रायल होगा। इसके बाद स्थायी रूप से सिस्टम स्थापित कर दिया जाएगा। एलईडी डिस्प्ले पर लोगों को हर पल शहर के प्रदूषण स्तर की जानकारी मिलेगी।
बता दें कि नारनौल शहर में अभी ऑनलाइन प्रदूषण मापक सिस्टम नहीं है। ऐसे में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मैनुअल तरीके से प्रदूषण की जांच करता है। इसके लिए रोजाना डाटा जांच के लिए कर्मचारी को भेजना पड़ता है। ऐसे में विभाग भी प्रदूषण स्तर को लेकर अपडेट नहीं रहता। दूसरा मैनुअल सिस्टम होने से शहर के लोगों को हवा में प्रदूूषण के स्तर की जानकारी भी नहीं मिल पाती। इसे देखते हुए प्रदूषण बोर्ड ने हवा में प्रदूषण और उसकी गुणवत्ता की जांच करने के लिए प्रदूषण मापक यंत्र सीएएक्यूएमएस (कंटीन्यूज एंबियंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सिस्टम) लगवा दिया है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ रविंद्र यादव ने बताया कि नारनौल स्थित जिला लघु सचिवालय की छत पर प्रदूषण मापक यंत्र लगाया गया है। अभी इसका ट्रायल चल रहा है। एक सप्ताह में डिस्प्ले सिस्टम लघु सचिवालय के पास कार्नर में लगा दिया जाएगा, जिससे आम लोगों को भी प्रदूषण स्तर की अपडेट जानकारी मिलती रहेगी। इसके सेंट्रल बोर्ड और हरियाणा प्रदूषण बोर्ड से ऑनलाइन जोड़ा गया है। बोर्ड के पोर्टल पर लोगों को इसका अपडेट मिलता रहेगा। इस पर करीब 70 से 80 लाख रुपये खर्च आया है।
गौरतलब है कि जिले में खनन कार्य होने से प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। इसके अलावा दिल्ली समेत एनसीआर में स्मॉग और प्रदूषण की समस्या सर्दी में बढ़ जाती है। ऐसे में ऑनलाइन सिस्टम होने से विभाग के साथ आम लोगों को भी वायु प्रदूषण के बारे में जानकारी मिलती रहेगी। इसके माध्यम से 2.5 पीएम की मात्रा को ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल हैं। बोर्ड के अनुसार पीएम 2.5 में 0 से 50 अच्छी, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम या नियंत्रित, 201-300 खराब होती है।