अमर उजाला ब्यूरो।
महेंद्रगढ़/नारनौल। जिले में दोपहर एक बजकर 53 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए है। भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 3.9 मापी गई है। भूकंप से जान-माल का कोई नुकसान होने की सूचना नहीं है। भूकंप कुछ सेकेंड ही रहने के कारण अधिकतर लोगों को भूकंप के जाने के बाद इसकी जानकारी हुुई।
शुक्रवार को दोपहर बाद करीब एक बजकर 53 मिनट पर कुछ सेकेंड के लिए भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के जाने के बाद लोग दुकानों और घरों से निकले। सदर बाजार निवासी विकास ने बताया कि अचानक पंखे व कुर्सी हिलने लगी। उन्होंने बताया कि जब बाहर देखा तो लोग सड़क पर खड़े थे। पुराने शहर में जर्जर हवेलियों के पत्थर गिरने की बात सामने आई है। जिला राजस्व अधिकारी सतीश यादव ने बताया कि भूकंप से किसी प्रकार की जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। रिएक्टर स्केल पर 3.9 की तीव्रता दर्ज की गई है। भूकंप का केंद्र जिला महेंद्रगढ़ रहा है। भूकंप को 28.2 उत्तरी अक्षांश से 76.4 पूर्वी देशांतर रहा। भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी। महेंद्रगढ़, सतनाली, कनीना में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। झटके कुछ सेकेंड के लिए ही होने के कारण लोगों को भूकंप कम महसूस हुआ।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
भूकंप के नजरिए से महेंद्रगढ़ जिला संवेदशनशील जोन में है। यह जोन तीन में आता है। अरावली पर्वत श्रृंखला के करीब होने के कारण यहां तीव्र गति के भूकंप की संभावना नहीं है। दिल्ली के आसपास के एरिया में भूकंप का असर अधिक रहेगा। यमुना के किनारों पर बसे एरिया में जमीन उतनी मजबूत नहीं होती।
- नरेश कुमार वर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, भूगोल विभाग, सेंट्रल यूनिवर्सिटी।
बहुमंजिला भवन नहीं, पुरानी हवेलियों से खतरा
नारनौल शहर में पुराने भवन को खतरा
महेंद्रगढ़ जिले में बहुमंजिला भवन नहीं है। यहां चार मंजिला से ऊंचे भवन नहीं हैं। ऐसे में भूकंप के दौरान पुुुराने जर्जर भवनों में नुकसान की आशंका अधिक रहती है। नारनौल शहर में कई प्राचीन एवं खंडहर हवेलियां है। भूकंप में इनके गिरने की आशंका रहती है। मोहल्ला राव का स्थित एक हवेली से गत काफी दिनों से ईंटें गिर रही हैं। मोहल्ला चांदुवाड़ा, पुरानी मंडी स्थित ब्राह्मणों व महाजनों की हवेली, मोहल्ला खड़खड़ी, मिश्रवाड़ा, देवस्थान, फलसा, सलामपुरा, संघीवाड़ा, मोहल्ला रावका मोहल्लों में जर्जर हवेलियां है। महेंद्रगढ़ शहर में पुराना खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय ,श्रीकृष्णा कालोनी के अलावा कुछ अन्य एरिया में भी जर्जर भवन हैं।
भय के मारे लोग निकले बाहर
दोपहर में दुकान में बैठे थे कि अचानक सब कुछ हिलने लगा। भूकंप का आभास होने पर सब लोग बाहर की तरफ भागने लगे। लोगों भूकंप आया, भूकंप आया शोर करने लग गये। भूकंप का झटका एक बार ही महसूस हुआ। - जितेंद्र गोयल
मिश्रवाड़ा निवासी धीरज सैनी ने बताया कि उनके घर के सामने पुरानी हवेली है। भूकंप आने से उनको पुरानी हवेली गिरने का डर लगा। लेकिन भूकंप का झटका धीरे होने के कारण खतरा टल गया। भूकंप आने से वे सहम गये। घर से निकल गये।
- धीरज सैनी
महेंद्रगढ़ जोन तीन में
भूकंप के हिसाब से देश को चार भागों में बांटा गया है। जोन-1, जोन-2, जोन-3, जोन-4 तथा जोन-5। सबसे कम खतरे वाला जोन-2 है। सबसे ज्यादा खतरे वाला जोन-5 है। महेंद्रगढ़ जिला जोन तीन में शामिल है। यहां भूकंप की संभावना रहती है।
विभिन्न रिएक्टर स्केलों पर भूकंप
रिएक्टर स्केल के अनुसार 2.0 की तीव्रता महसूस नहीं होती
2.0 से लेकर 2.9 की तीव्रता आम तौर पर ये भी महसूस नहीं होते
3.0 से लेकर 3.9 की तीव्रता वाले भूकंपीय झटके मामूली नुकसान दे सकते हैं
4.0 से 4.9 की तीव्रता वाले भूकंप से कंपन महसूस होती है।
5.0 से 5.9 तक का भूकंप कमजोर मकानों को जबर्दस्त नुकसान पहुंचा सकता है
6.0 से 6.9 तक की तीव्रता वाला भूकंप घातक हो सकता है।
7.0 से लेकर 7.9 तक की तीव्रता का भूकंप भारी तबाही मचा सकता है।