अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। संदीप पूनिया ने कहा कि इस बार देश के लिए अवश्य मेडल लेकर आएंगे। इसके लिए वो प्रतिदिन छह से आठ घंटे पसीना बहा रहे हैं। महेंद्रगढ़ से संदीप पूनिया एक मात्र खिलाड़ी हैं, जिनका एशियाड खेलों में चयन हुआ है। संदीप पूनिया 50 किलोमीटर पैदल चाल में हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी प्रतियोगिता 30 अगस्त होगी। अभी वो बेंगलूरू सुभाष चंद्र बोस साईं स्पोर्ट्स सेंटर में जमकर अभ्यास कर रहे हैं। 25 अगस्त को जकार्ता के लिए रवाना होंगे।
अमर उजाला संवाददाता से फोन पर हुई बातचीत में आत्म विश्वास से लबरेज 31 वर्षीय गांव सुरेहति पीलानिया निवासी संदीप पूनिया ने कहा कि साल 2014 में एशियाड खेलों में वो चौथे नंबर पर रह गए थे। परंतु इस बार देश के लिए मेडल अवश्य लेकर आएंगे। इसके लिए वो कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका मुकाबले ओलंपिक खेलों से कम नहीं होगा। क्योंकि जापान और चाइना के वो ही खिलाड़ी एशियाड में भाग ले रहे हैं जो ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीते थे। उन्होंने बताया कि मुकाबला आसान नहीं हैं, परंतु इस बार उनकी मेहनत अवश्य रंग लाएगी, ऐसा उनको विश्वास है। उन्हें बताया कि पिता प्रीतम सिंह और भाई सुरेंद्र सिंह का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहता है तथा साथियों का भी पूरा सहयोग रहा है।
सूबेदार के पद पर हैं कार्यरत
संदीप पूनिया आर्मी में सूबेदार के पद पर कार्य कर रहे हैं। अभी उनकी ड्यूटी 16 बटालियन जाट रेजीमेंट लखनऊ में है। उनके कोच सूबेदार सुरेंद्र सिंह मावी उनकी तैयारी करवाने में जुटे हुए हैं।
मौसम अनुसार कर रहे अभ्यास
संदीप पूनिया ने बताया कि वो प्रतिदिन सुबह शाम 60 से 70 किलोमीटर पैदल चाल चलकर अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जकार्ता में अभी गर्म मौसम हैं। इसलिए मौसम के अनुसार ही वो अपना अभ्यास कर रहे हैं। ताकि कोई परेशानी न हो। इसके अलावा बेंगलूरू में कम आक्सीजन वाले स्थान पर वो इसका अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जापान और चाइना के खिलाड़ी इस खेल में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। परंतु इस बार वो पदक के लिए कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।
2014 में रह गए थे मात्र 55 सेंकड से
महेंद्रगढ़ जिले का एक मात्र ओलंपियन खिलाड़ी रह चुके संदीप पूनिया ने कहा कि 2014 का मलाल आज भी उन्हें हैं। वो मात्र 55 सेकंड से पीछे रह गए थे और उन्हें चौथा स्थान मिला था। उन्होंने बताया कि पिछले एशियाड खेलों में 3 घंटे 52 सेकंड में ब्रांज मेडल आया था। 28 जुलाई को बेंगलूरू में उनका ट्रायल हुआ था। उसमें 3 घंटे 50 सेकंड में लक्ष्य पूरा किया था जोकि उनका अब तक का बेस्ट स्कोर है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में उनका खास प्रदर्शन नहीं रहा लेकिन वहां से अनुभव अवश्य प्राप्त हुआ है।